पायरेसी पर सरकार का सबसे बड़ा प्रहार, हजारों वेबसाइट्स हुईं बंद; फिल्म इंडस्ट्री में दौड़ी खुशी की लहर
फिल्म देखने वालों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने पायरेसी फैलाने वाली लगभग 1 हजार से ज्यादा वेबसाइट्स और लगभग 5 हजार टेलीग्राम चैनल्स को ब्लॉक कर दिया है।
अभिनेता और सांसद सुरेश गोपी, साथ ही साउथ इंडियन फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, लंबे समय से पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
सरकार ने यह बड़ी कार्रवाई नए सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम 2023 के नियमों के तहत की है।
केरलम सरकार ने मलयालम सिनेमा के लिए 100 करोड़ रुपये रखे
शिकायतों के बाद अधिकारियों ने पायरेसी से जुड़े लगभग 7 हजार से ज्यादा URL को बंद किया है। केरलम के फिल्म निर्मता बताते हैं कि जो फिल्म 10 करोड़ रुपये कमा सकती है, उसे पायरेसी के चलते लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हो जाता है।
इस नुकसान से निपटने के लिए, केरलम सरकार ने अपने नए बजट में 100 करोड़ रुपये का फंड रखा है। इन पैसों का इस्तेमाल मलयालम सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा, जिसमें मजबूत एंटी-पायरेसी सेल बनाना भी शामिल है।
वरिष्ठ निर्माता सुरेश कुमार को उम्मीद है कि इन कदमों से उनके निवेश सुरक्षित रहेंगे और निर्देशकों को पायरेसी की इस बड़ी समस्या से आखिर थोड़ी राहत मिल पाएगी।
'जॉन डो' ऑर्डर से 'आई, नोबडी' को मिली मदद
सरकार की कार्रवाई के अलावा, फिल्म निर्माता 'जॉन डो' ऑर्डर जैसे कानूनी तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि फिल्में बिना इजाजत अपलोड न हों।
ऐसे जॉन डो ऑर्डर से 'आई, नोबडी' जैसी फिल्मों को पहले ही काफी फायदा मिल चुका है। अब जब सरकार का सहयोग और इंडस्ट्री की अपनी कोशिशें, दोनों साथ मिलकर काम कर रही हैं, तो उम्मीद है कि भारतीय सिनेमा के लिए डिजिटल पायरेसी की यह बड़ी समस्या जल्द ही काफी हद तक कम हो जाएगी।