बेंगलुरु कोर्ट ने पवन कल्याण के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री पर लगाई रोक, जानें पूरा मामला
बेंगलुरु की एक अदालत ने X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था), गूगल और मेटा को निर्देश दिया है कि वे उन पोस्ट्स और लिंक्स को ब्लॉक करें, जिनमें कथित तौर पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण की बदनामी की जा रही है।
यह कदम तब उठाया गया है, जब पवन ने तेलंगाना के जनावड़ा इलाके में जमीन और पानी के अतिक्रमण से जुड़ी ऑनलाइन आलोचनाओं के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया था।
जज ने चिन्हित लिंक को ब्लॉक करने की दी इजाज़त
अदालत ने पहले जून, 2026 में ही इन प्लेटफॉर्म्स को किसी भी कथित अपमानजनक सामग्री को साझा करने या होस्ट करने से रोक दिया था।
इसके बाद, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन ने उन विशेष URL को भी इस पाबंदी में शामिल करने का अनुरोध किया।
XVI एडिशनल सिटी सिविल और सेशन्स जज मोहम्मद मोइनुद्दीन ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद अब उन चिन्हित लिंक्स को ऑनलाइन नहीं देखा जा सकेगा।
इस मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई, 2026 को होगी।