जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने पूरे किए 20 साल, 'भाषा स्वरमाला' से 22 भाषाओं का अनोखा संगम; करोड़ों दिलों तक पहुंचा साहित्य
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) का 20वां संस्करण 14 से 18 जनवरी, 2027 तक जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में होने जा रहा है। इस बार के फेस्टिवल की थीम '20 साल के विचार, कहानियां और बातचीत' रखी गई है, जो JLF के मकसद को साफ बताती है।
राजस्थान सरकार का समर्थन इस फेस्टिवल को मिलता है। साल 2008 में शुरू होने के बाद से अब तक इसमें 8,000 से ज्यादा लेखक, वक्ता और कलाकार हिस्सा ले चुके हैं।
साथ ही, 50 लाख से भी ज्यादा लोग सीधे इस फेस्टिवल में शामिल हुए हैं।
JLF ने 22 भाषाओं में 'भाषा स्वरमाला' नाम से दी खास श्रद्धांजलि
अब JLF सिर्फ जयपुर तक ही सीमित नहीं है। अमेरिका, UK, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में भी इसके संस्करण आयोजित किए जाते हैं।
भारत की विविधता को सम्मान देने के लिए इस साल (2026 में) फेस्टिवल के 20वें साल का ऐलान सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं में किया गया था।
फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा, 'भारत की आत्मा उसकी साहित्यिक विरासत और भाषाई विविधता में बसती है। इसलिए यह ठीक ही है कि हम अपने 20वें साल को 'भाषा स्वरमाला' सीरीज के जरिए उसकी कई भाषाओं को श्रद्धांजलि देकर मना रहे हैं।'
वहीं, निर्माता संजॉय के रॉय ने बताया कि JLF हमेशा सभी को साथ लाने और अच्छी बातचीत पर जोर देता रहा है।
अपने डिजिटल माध्यमों की बदौलत दुनिया भर में 1 अरब से ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके हैं।