जानिए पद्म श्री तरुण भट्टाचार्य ने क्यों कहा, 'यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत का है'?
मनोरंजन
संतूर के प्रख्यात वादक तरुण भट्टाचार्य को हाल ही में पद्म श्री सम्मान मिला है। उन्होंने यह सम्मान भारतीय शास्त्रीय संगीत और उन सभी लोगों को समर्पित किया है, जिन्होंने इसकी विरासत को संभाला है।
उनके मुताबिक, यह पुरस्कार बताता है कि आज की तेज रफ्तार दुनिया में भी अच्छी और मूल्यों से भरी कला कितनी अहम है।
तरुण ने अभ्यास और शास्त्रीय जड़ों पर जोर दिया
तरुण ने संतूर के साथ अपनी लंबी यात्रा पर बात करते हुए बताया कि नियमित अभ्यास और शास्त्रीय संगीत की जड़ों से जुड़े रहना कितना जरूरी है, भले ही कोई नए प्रयोग कर रहा हो।
उन्हें उम्मीद है कि यह पहचान युवा कलाकारों को अपने काम में ईमानदारी और समर्पण लाने के लिए प्रेरित करेगी।
उनका यह भी मानना है कि संगीत में सद्भाव, करुणा और मन की शांति पैदा करने की ताकत है, जिसकी जरूरत आज हर किसी को है।