नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री का तंज- अब मीडिया बस इसी में व्यस्त रहेगा
क्या है खबर?
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के 75 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट से हुए निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत के 'मीटू' आंदोलन के दौरान नाना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली तनुश्री ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट साझा किए। उन्होंने नाना के निधन का जिक्र करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। विवादों के अतीत के बावजूद तनुश्री का बयान तुरंत चर्चा का विषय बन गया।
बयान
मेरा पूरा ध्यान मेरे काम पर है- नाना
नाना के निधन की खबर सामने आने के बाद तनुश्री इंस्टाग्राम पर लगातार सक्रिय रहीं। मां दुर्गा की प्रार्थना और आध्यात्मिक विचार साझा करने के साथ उन्होंने एयरपोर्ट से अपनी दिनचर्या के वीडियो भी पोस्ट किए।
आखिरकार इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए तनुश्री ने कहा, "मैंने सुना है, मुझे खबर मिली है, लेकिन आज मेरा काम का दिन है। मैं एक कार्यक्रम के लिए लखनऊ जा रही हूं और फिलहाल अपना पूरा ध्यान केवल उसी पर लगाना चाहती हूं।"
ध्यान
"अब मीडिया का ध्यान भटक जाएगा"
कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले तनुश्री बोलीं, "कितना अजीब दिन है। मेरा पूरा दिन तय था। मैं कई लाइव सेशन करने वाली थी। अब मुझे चिंता है कि शाम को मीडिया का पूरा ध्यान इसी खबर पर रहेगा, इसलिए जब समझ आएगा कि मुझे कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए, तब मैं अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया दूंगी। परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं...।"
इतना कहते ही उनका वीडियो बीच में कट गया। तनुश्री ने वीडियो में नाना का नाम नहीं लिया।
विवाद
जब तनुश्री ने नाना पर लगाए थे 'मीटू' के गंभीर आरोप
साल 2018 में 'मीटू' आंदोलन के दौरान तनुश्री ने नाना पर 2009 की फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के सेट पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
तनुश्री के इस खुलासे ने हैदराबाद में श्री रेड्डी के विरोध प्रदर्शन के साथ मिलकर भारत में 'मीटू' क्रांति की नींव रखी।
इसके बाद देशभर की महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत मिली और बॉलीवुड सहित कई उद्योगों में हलचल मच गई थी।
शिकायत
CINTAA में शिकायत से कोर्ट के फैसले तक
तनुश्री का दावा था कि उन्होंने 2008 में CINTAA में शिकायत दर्ज कराई थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोपों को खारिज करने वाले नाना के खिलाफ FIR तो दर्ज हुई, लेकिन सबूतों के अभाव में 2019 में पुलिस ने केस बंद कर दिया।
आखिरकार 2025 में मुंबई के अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भी नाना के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को आधिकारिक रूप से खारिज कर दिया, क्योंकि यह शिकायत तय कानूनी समय-सीमा बीत जाने के बाद दर्ज कराई गई थी।