सनी की 'सूर्या' पर बवाल, डॉक्टर बोले- होटल में बिल भरते हो, इलाज मुफ्त ढूंढते हो?
क्या है खबर?
सनी देओल की आगामी फिल्म 'सूर्या: अंत से आरंभ तक' के टीजर पर बवाल बढ़ गया है। टीजर में डॉक्टरों की छवि और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ दिखाई हिंसा पर IMA ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की समीक्षा और कार्रवाई की मांग की है। इसी बीच लीलावती अस्पताल के डॉ. जलील पारकर ने कहा कि डॉक्टर भी इंसान हैं, वे सालों की मेहनत से जानें बचाते हैं और उनके प्रति सम्मान व समझ जरूरी है।
तंज
"महंगे होटलों में बहस नहीं करते, फिर डॉक्टरों से मुफ्त इलाज की उम्मीद क्यों?"
डॉ. जलील पारकर ने PTI से कहा कि डॉक्टर सालों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद लोगों की जान बचाने और उनका इलाज करने के पेशे में आते हैं। ऐसे में लोगों को यह बात समझनी होगी कि डॉक्टर भी आखिर इंसान ही हैं। उनका पूरा ध्यान केवल मरीज की जान बचाने पर केंद्रित होता है।
डॉ. जलील पारकर ने कहा कि लोग महंगे रेस्टोरेंट में बिना बहस बिल चुकाते हैं, लेकिन डॉक्टरों से मुफ्त इलाज की उम्मीद करते हैं।
दो टूक
"हमारा भी परिवार है, कमाई के साल सिर्फ 15-20"
डॉ. जलील पारकर ने कहा कि लोग महंगे रेस्टोरेंट में बिना बहस तय दाम चुकाते हैं, लेकिन डॉक्टरों से मुफ्त इलाज की उम्मीद रखते हैं, जो आज के समय में मुमकिन नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि सालों की लंबी पढ़ाई और कठिन ट्रेनिंग के बाद डॉक्टरों की कमाई के साल बहुत सीमित (40 से 60 वर्ष तक) ही होते हैं। ऐसे में उन्हें भी इसी सीमित समय में अपने परिवार के खर्च और जिम्मेदारियां पूरी करनी होती हैं।
आक्रोश
'सूर्या' पर भड़का IMA, मंत्री को लिखी चिट्ठी
सनी की फिल्म 'सूर्या: अंत से आरंभ तक' के टीजर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ा ऐतराज जताया है।
IMA ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की तत्काल समीक्षा की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि टीजर में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हिंसा को हीरो की तरह सही ठहराया गया है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति नफरत और हिंसा सामान्य हो सकती है, जिससे उनकी सुरक्षा और डॉक्टर-मरीज के रिश्ते पर बुरा असर पड़ेगा।