सनी देओल की 'सूर्या' पर घमासान, फिल्म का टीजर देख भड़का IMA; केंद्र तक पहुंचा मामला
क्या है खबर?
सनी देओल की फिल्म 'सूर्या- अंत से आरंभ तक' पर विवाद खड़ा हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की समीक्षा की मांग की है। IMA का आरोप है कि फिल्म में डॉक्टरों को गलत तरीके से दिखाया गया है और इससे स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा बढ़ सकती है।एसोसिएशन ने डॉक्टरों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए सरकार से इस मामले में तुरंत कड़ा कदम उठाने की अपील की है।
शिकायत
डॉक्टरों से भरोसा उठा देगी फिल्म?- IMA
IMA ने अपने पत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार, डॉक्टरों के कथित गलत व्यवहार और मेडिकल स्टाफ पर हिंसा के दृश्यों को लेकर गहरी चिंता जताई है।
संगठन का कहना है कि ऐसे चित्रण से पूरे मेडिकल पेशे में धांधली फैलने का गलत संदेश जाता है, जिससे डॉक्टरों पर जनता का भरोसा टूट सकता है।
IMA ने कड़ी चेतावनी दी कि इससे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा है और निष्पक्ष समीक्षा के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नाराजगी
स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों को 'हीरो' की तरह दिखाने पर भड़का IMA
IMA ने पत्र में अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा चुनौतियों को रेखांकित किया है। संगठन के अनुसार, मेडिकल स्टाफ पर हमलों को महिमामंडित करने वाला कंटेंट हिंसा को बढ़ावा देकर स्वास्थ्यकर्मियों की जान जोखिम में डाल सकता है।
IMA ने चेतावनी दी है कि इस तरह के चित्रण से डॉक्टर और मरीज के पवित्र रिश्ते में बेवजह अविश्वास और दुश्मनी पैदा होगी, जिससे इलाज और पूरी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
सवाल
व्यक्तिगत गलती की सजा पूरे पेशे को क्यों?
IMA ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार और गलत हरकतों का समर्थन नहीं करता, लेकिन व्यक्तिगत गलतियों के लिए पूरे पेशे को बदनाम करना सही नहीं है।
संगठन के मुताबिक, भारत को समर्पित डॉक्टरों की जरूरत है, और ऐसी नकारात्मक छवि से मेडिकल छात्रों का मनोबल गिरेगा।
बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ, जब फिल्म के निर्माताओं ने सनी देओल के जन्मदिन के मौके पर 'सूर्या' का टीजर रिलीज किया था।