विक्रम भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 30 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में मिली अंतरिम जमानत
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने 30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में घिरे मशहूर फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। राजस्थान पुलिस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने न केवल भट्ट दंपति को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया, बल्कि पुलिसिया कार्रवाई के तौर-तरीकों पर भी तीखी टिप्पणी की।
सुनवाई
वकीलों और जज के बीच सख्त तकरार
विक्रम की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने नाराजगी जताते हुए कहा, "वो(पुलिस) निर्देशक, उनकी पत्नी और हर किसी को जेल में नहीं डाल सकते... आखिर ये सब क्या चल रहा है?" विपक्षी वकील ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि ये कोई छोटा मामला नहीं है, बल्कि 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी है। इस पर सुनवाई कर रहे जज ने सख्त लहजे में कहा, "आप इन मामलों का इस्तेमाल पैसे की वसूली के लिए नहीं कर सकते।"
नोटिस
गिरफ्तारी पर राजस्थान पुलिस को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने मामले में नोटिस जारी कर आदेश दिया कि विक्रम और उनकी पत्नी को तुरंत बेल बॉन्ड भरने पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने राजस्थान पुलिस से जवाब मांगा है कि उन्होंने किस आधार पर ये गिरफ्तारी की। इस मामले की अगली सुनवाई अब 19 फरवरी को होगी। कोर्ट ने 'इंदिरा एंटरटेनमेंट LLP' के मालिक को भी इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का आदेश दिया है।
फटकार
वसूली के लिए कानून का इस्तेमाल नहीं- CJI
मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हुई इस सुनवाई में अदालत ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल महज पैसे की वसूली के लिए दबाव बनाने के औजार के रूप में नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने राजस्थान पुलिस से कहा कि सिर्फ 30 करोड़ की वसूली के लिए किसी को जेल में डाल देना सही नहीं। जब तक मामले की गहराई से जांच नहीं हो जाती, विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी जेल से बाहर रहेंगे।
मामले का ब्यौरा
क्यों हुई थी विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी?
ये मामला उदयपुर के व्यवसायी और 'इंदिरा IVF' के मालिक अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से शुरू हुआ। मुर्डिया का आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने उन्हें अपनी दिवंगत पत्नी की बायोपिक बनाने के प्रोजेक्ट में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन निवेश के बाद न मुनाफे का वादा पूरा नहीं हुआ। दिसंबर में भट्ट दंपत्ति को राजस्थान पुलिस ने मुंबई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था।