चेक बाउंस विवाद: आपसी बातचीत से सुलझेगा राजपाल यादव का मामला, कौन बना मध्यस्थ?
क्या है खबर?
राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले को दोनों पक्षों की आपसी बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। PTI के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को मध्यस्थ नियुक्त किया है। 15 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि राजपाल ने 2 करोड़ रुपये की राशि जमा की है। इसके बाद वित्तीय विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजा गया था। अब खबर है कि पूर्व जस्टिस नजमी मामले की मध्यस्थता करेंगे।
समाधान
आपसी सहमति से सुलझेगा चेक बाउंस मामला
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, "पार्टियों की तरफ से उठाए गए मुद्दों को देखते हुए, हमें लगता है कि इस मामले को मध्यस्थता के जरिए आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।"
बेंच ने कहा, "मुद्दों की जटिलता को देखते हुए, हम दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को पार्टियों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए एकमात्र मध्यस्था नियुक्त करते हैं।"
यात्रा
राजपाल को पासपोर्ट देने की मंजूरी
कोर्ट ने पार्टियों से कहा कि वह मध्यस्थ से संपर्क करके तारीख तय करें। पूर्व जज पार्टियों को खुद या ऑनलाइन पेश होने के लिए कहने के लिए आजाद होंगे।
ट्रायल कोर्ट को राजपाल का पासपोर्ट जारी करने के निर्देश भी दिए, जिससे वह अपना पेशेवर काम जारी रख सकें।
यह विवाद 2010 का है, जब राजपाल ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए 5 करोड़ का कर्ज लिया था। अब जाकर अभिनेता 2 करोड़ रुपये चुका पाए हैं।