राजपाल यादव को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जाओ पैसे कमाओ और बकाया चुकाओ
क्या है खबर?
चेक बाउंस मामले के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को बड़ी राहत देते हुए फिल्म की शूटिंग के लिए कनाडा जाने की इजाजत दे दी है। 2 करोड़ रुपये की राशि जमा कराने के बाद शीर्ष अदालत ने उनके वित्तीय विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजपाल को अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने और लेनदारों का बकाया चुकाने की सलाह देते हुए पासपोर्ट रिलीज करने का रास्ता साफ कर दिया।
राहत
कनाडा शूटिंग के लिए मिलेगा पासपोर्ट
चेक बाउंस मामले का सामना कर रहे अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
शीर्ष अदालत ने उन्हें कनाडा में फिल्म की शूटिंग के लिए अपना पासपोर्ट रिलीज कराने की अनुमति दे दी है।
हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट का रिलीज होना निचली अदालत द्वारा तय की गई शर्तों पर निर्भर करेगा। अभिनेता को विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले उन सभी कानूनी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा।
मध्यस्थता
आपसी सहमति से सुलझेगा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल और लेनदारों के बीच वित्तीय विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है। कोर्ट रजिस्ट्री में 2 करोड़ जमा होने के बाद अदालत ने आपसी सहमति से मामला सुलझाने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया।
सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील विक्रांत यादव ने पेशेवर प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने की सलाह दी है।
मंजूरी
शर्तों के साथ पासपोर्ट रिलीज की मंजूरी
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि राजपाल का वित्तीय विवाद मध्यस्थता से सुलझ सकता है।
कोर्ट में 2 करोड़ जमा होने पर पीठ ने टिप्पणी कर कहा, "उन्हें जाने दें और पैसे कमाने दें ताकि वो लेनदारों का बकाया चुका सकें।"
इसके साथ ही कोर्ट ने शर्तों पर पासपोर्ट रिलीज की अनुमति दी और दोनों पक्षों को व्यक्तिगत या ऑनलाइन माध्यम से मध्यस्थ के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।
विवाद की शुरुआत
'अता पता लापता' से शुरू हुई राजपाल की कानूनी मुसीबत की पूरी कहानी
राजपाल का ये चेक बाउंस विवाद साल 2010 का है, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
फिल्म फ्लॉप होने पर भारी नुकसान हुआ और बाद में दिए गए 1.05 करोड़ के 7 चेक बाउंस हो गए। अब तक 2 करोड़ कोर्ट में जमा कराए जा चुके हैं, जिसके बाद मुख्य 5 करोड़ की राशि में से करीब 3 करोड़ का बकाया (ब्याज अलग) चुकता होना बाकी है।