
सुनील शेट्टी को याद आया अपने पिता का संघर्ष, बोले- चावल की बोरी पर सोते थे
क्या है खबर?
अभिनेता सुनील शेट्टी ने बॉलीवुड में अपने दम पर अपनी पहचान बनाई। यहां उनका कोई गॉडफादर नहीं था। यही वजह है कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। तब जाकर उन्होंने इंडस्ट्री में बड़ा मुकाम हासिल किया।
हालांकि, सुनील कहते हैं कि जो संघर्ष उनके पिता ने किया है, वो उसके आसपास भी नहीं हैं।
उन्होंने अपने हालिया इंटरव्यू में बताया कि आखिर कैसे उनके पिता ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया।
खुलासा
मेरे पिता घर से भागकर मुंबई आ गए थे
भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया से सुनील ने कहा, "मेरे पिता बचपन में ही भागकर मुंबई आ गए। उनके पिता नहीं थे, लेकिन उनकी 3 बहनें थीं। उन्हें 9 साल की उम्र में जीवन में पहली नौकरी एक दक्षिण भारतीय रेस्तरां में मिली थी, जहां उनका काम मेज की साफ-सफाई करना था। मेज इतना छोटा था कि उसे चारों ओर से सफाई करने के लिए उसके 4 चक्कर लगाने पड़ते थे। वो चावल की बोरी पर सोते थे।"
तुलना
"पिता से मेरी कोई बराबरी नहीं"
अभिनेता कहते हैं, "मेरे पिता के बॉस ने 3 इमारतें खरीदी थीं और पिताजी को उनका प्रबंधन करने के लिए कहा गया। जब उनके बॉस रिटायर हुए तो पिताजी ने वो तीनों इमारतें खरीद लीं। आज भी मेरे पास ये तीनों इमारतें हैं और यहीं से हमारी यात्रा शुरू हुई थी।"
सुनील ने बताया कि उनके पिता ने जीवन में बहुत संघर्ष किया और बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी बराबरी वह कभी नहीं कर सकते।
बर्दाश्त
बच्चों के खिलाफ एक शब्द नहीं सुन सकते थे सुनील के पिता
सुनील कहते हैं, "मेरे पिता बहुत विनम्र व्यक्ति थे, लेकिन अगर कोई उनके बच्चों या उनके स्टाफ के खिलाफ एक शब्द भी कहता था तो वह शेर बन जाते थे। उनकी एक पंक्ति होती थी, "बेच डालूंगा सब कुछ को, गांव चले जाऊंगा, पर नांइसाफी नहीं झेलूंगा।"
बता दें कि 2017 में सुनील के पिता का निधन हुआ था। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी।
शुरुआत
सुनील ने 'बलवान' से रखा था बॉलीवुड में कदम
सुनील ने फिल्म 'बलवान से बॉलीवुड में कदम रखा था। एक फोटोशूट के दम पर सुनील को यह फिल्म मिली थी।
निर्देशक को उनका फोटोशूट बेहद पसंद आया था। इस फिल्म में सुनील ने सबसे पहले अपनी बॉडी दिखाई थी और लोग उनको फॉलो करने लगे थे।
सुनील ने अपने करियर में 'दिलवाले', 'गद्दार', 'धड़कन', 'बॉर्डर', 'मोहरा' और 'गोपी किशन' जैसी कई सफल फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच अपने अभिनय का लोहा मनवाया।