AI का नया खेल, अब सितारे अपने क्लोन से करेंगे करोड़ों की कमाई
भारत की AI-आधारित एक फिल्म कंपनी 'स्टूडियो ब्लो' एक नया प्लेटफॉर्म 'फैनमस' बना रही है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए सेलिब्रिटीज अपने AI क्लोन को विज्ञापनों के लिए लाइसेंस पर दे पाएंगे।
इसका मतलब है कि हार्दिक पंड्या जैसे मशहूर सितारों के डिजिटल अवतार बिना उनकी असल मौजूदगी के भी अलग-अलग कैंपेन में दिख सकेंगे।
इन सेलिब्रिटीज का अपने चेहरे-मोहरे और आवाज पर पूरा नियंत्रण रहेगा। साथ ही, ब्रांड्स को इन क्लोन का इस्तेमाल करने से पहले उनकी मंजूरी लेनी होगी।
फैनमस क्लोन्स में जोड़ेगा ट्रैक किए जा सकने वाले वॉटरमार्क
डीपफेक से मुकाबला करने और फरवरी 2026 में संशोधित हुए IT नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, फैनमस हर AI क्लोन में ट्रैक किए जा सकने वाले वॉटरमार्क जोड़ेगा।
इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन सा कंटेंट असली है और कौन सा नहीं। यह सेलिब्रिटी डीपफेक का पता लगाने में भी सहायक होगा और कानूनी टीमें ऐसे मामलों में कंटेंट को हटाने का काम संभालेंगी।
स्टूडियो ब्लो क्लोन्स को मानता है लाइसेंस दिए जा सकने वाली संपत्ति
स्टूडियो ब्लो इसे सेलिब्रिटी मार्केटिंग का भविष्य मानता है। उनका मानना है कि इसमें किसी स्टार का चेहरा या आवाज एक डिजिटल संपत्ति बन जाएगी, जिसे ब्रांड्स लाइसेंस पर ले सकेंगे।
कंपनी के CEO और सह-संस्थापक मुखर्जी का मानना है कि ये AI क्लोन असल में ज्यादा मूल्यवान हो सकते हैं, क्योंकि ये हर समय और हर जगह उपलब्ध रहेंगे।
इसके अलावा, स्टूडियो ब्लो का कहना है कि वे AI का इस्तेमाल फिल्म निर्माण में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं, न कि उसे पूरी तरह से बदलने के लिए।