राजामौली ने AI को नकारा, 'वाराणसी' की 50 भाषाओं में डबिंग और 1,500 कलाकारों का ऑडिशन
क्या है खबर?
फिल्म के वैश्विक स्तर पर पहुंचने पर आवाज का सही होना बेहद अहम है। एसएस राजामौली अपनी फिल्म 'वाराणसी' के लिए एक बड़ा कदम उठा रहे हैं, ताकि महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन के अभिनय का भावनात्मक असर हर भाषा में बरकरार रहे। राजामौली ने फिल्म को लगभग 50 भाषाओं में डब करने और 120 देशों में रिलीज करने की योजना बनाई है, जिसके लिए वो AI या सिंथेटिक आवाजों के बजाय असली वॉयस आर्टिस्ट्स का इस्तेमाल करेंगे।
विजन
सिर्फ अनुवाद नहीं, हर भाषा में दिखना चाहिए अभिनय का असली दर्द और भाव
प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि राजामौली नहीं चाहते कि भाषा बदलने से कलाकारों के अभिनय का प्रभाव कम हो। उनके लिए डबिंग का मतलब सिर्फ संवादों का अनुवाद और लिप-सिंक मिलाना नहीं है, बल्कि आवाज में किरदार की भावना, व्यक्तित्व और उद्देश्य की झलक होनी चाहिए।
राजामौली का मानना है कि हर देश के दर्शक संवाद सुनने के साथ-साथ किरदारों के अभिनय की गहराई को भी महसूस कर सकें।
डबिंग
डबिंग के लिए 1500 कलाकारों का लेंगे ऑडिशन
राजामौली ने हाल ही में उन अफवाहों को खारिज किया था, जिनमें कहा जा रहा था कि फिल्म की पहली झलक बनाने में AI का इस्तेमाल हुआ।
उन्होंने इसे अपनी कलात्मक क्षमता का बड़ा अपमान बताया। सूत्र ने आगे बताया कि आवाज भी अभिनय का ही एक हिस्सा है, इसलिए वे अलग-अलग भाषाओं के लिए असली कलाकारों को ही चुनना चाहते हैं। फाइनल कट में आवाज तय करने से पहले 1500 से अधिक कलाकारों की डबिंग का ट्रायल लिया जाएगा।
रिकॉर्ड
शाहरुख की 'पठान' के बाद राजामौली का बड़ा धमाका
शाहरुख खान की साल 2023 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पठान' के बाद 'वाराणसी' पहली भारतीय फिल्म है, जिसे दुनियाभर के 120 से अधिक देशों के सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। 'पठान' 100 से अधिक देशों में रिलीज हुई थी।
राजामौली के निर्देशन में बनी इस बहुतप्रतीक्षित फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी वाराणसी की पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक विशाल और रोमांचक एडवेंचर पर बुनी गई है।