OTT की मनमानी के खिलाफ एकजुट हुआ साउथ, 'सिफपा' का गठन कर निर्माताओं ने छेड़ी जंग
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के फिल्म निर्माताओं ने मिलकर साउथ इंडियन फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन यानी सिफपा की शुरुआत की है। इस संगठन का मुख्य मकसद ओटीटी प्लेटफॉर्मों की आठ हफ्ते वाली रिलीज विंडो का विरोध करना है। निर्माताओं का आरोप है कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपनी फिल्में सिनेमाघरों से उतरते ही तुरंत ओटीटी पर रिलीज कर दें। सिफपा चाहता है कि फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों की ओटीटी रिलीज डेट तय करने की पूरी आजादी मिले। उनका मानना है कि ऐसा होने पर निर्माताओं की आर्थिक हालत कमजोर हो सकती है और वे अपनी फिल्मों पर अपना नियंत्रण खो बैठेंगे।
तेलुगू और केरल के संगठन कर रहे 'सिफपा' का समर्थन
तेलुगू और केरल के प्रमुख फिल्म निर्माता संगठनों का समर्थन मिलने से सिफपा की ताकत और बढ़ गई है। ये दोनों संघ अब सिफपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सिफपा उन लोगों की मनमानी का विरोध कर रहा है जो बिना किसी बातचीत के फिल्म उद्योग के नियम तय करना चाहते हैं। संगठन अपने सदस्यों से अपील कर रहा है कि वे फिल्मों को रिलीज करने के परंपरागत और सफल तरीकों को ही अपनाएं। तेजी से बदलते इस उद्योग में निर्माताओं को आर्थिक रूप से मजबूत और स्वतंत्र बनाए रखना ही सिफपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।