सौरव गांगुली ने फिल्म 'दूसरा' के खिलाफ क्यों खोला मोर्चा? हाई कोर्ट तक पहुंची जंग
क्या है खबर?
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बिना अनुमति क्रिकेट करियर के लम्हों और पहचान का इस्तेमाल करने पर फिल्म 'दूसरा' की रिलीज रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। गांगुली ने अपने व्यक्तित्व के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि निर्माताओं ने इसे सच्ची घटनाओं से प्रेरित काल्पनिक ड्रामा बताया। उधर, अदालत ने फिल्म की 23 अक्टूबर को प्रस्तावित रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। आइए इस पूरे कानूनी विवाद को विस्तार से जानें।
कारण
'दूसरा' के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट क्यों पहुंचे सौरव गांगुली?
सौरव गांगुली और लव फिल्म्स ने फिल्म 'दूसरा' की रिलीज पर रोक के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप है कि फिल्म के ट्रेलर और प्रमोशन में गांगुली की इजाजत के बिना उनकी पहचान और लॉर्ड्स की ऐतिहासिक बिना शर्ट की जश्न वाली तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है।
गांगुली के पक्ष का तर्क है कि इससे दर्शकों के बीच ये भ्रम फैल सकता है कि वो इस फिल्म का समर्थन कर रहे हैं।
अधिकार
"गांगुली की बायोपिक पर सिर्फ हमारा हक"
ये पूरा विवाद सौरव गांगुली की बायोपिक से जुड़े 'व्यक्तित्व के अधिकारों' और 'कॉन्ट्रैक्ट' को लेकर है। गांगुली और लव फिल्म्स का कहना है कि उनकी इजाजत के बिना उनके नाम, फोटो और क्रिकेट करियर के बड़े लम्हों का इस्तेमाल करके कमाई की कोशिश की जा रही है।
लव फिल्म्स ने 5 अगस्त, 2021 के एक समझौते का हवाला दिया है, जिसके तहत उनका दावा है कि सौरव गांगुली पर बायोपिक बनाने के सिर्फ उनके पास एक्सक्लूसिव अधिकार हैं।
इनकार
निर्माताओं ने खारिज किए अधिकार उल्लंघन के दावे
गांगुली पर बनने वाली बायोपिक 'दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी' 14 मई 2027 को रिलीज होगी।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि फिल्म 'दूसरा' के प्रचार से उनके अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन निर्माताओं ने इससे साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि 'दूसरा' कोई बायोपिक नहीं है।
ये राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की 'तारा' की कहानी है, जो खेल की घटनाओं और गांगुली के जुझारू जज्बे से प्रेरित होती है।
अर्जी
दिल्ली हाई कोर्ट ने गांगुली की अर्जी खारिज की
निर्माताओं ने कोर्ट को बताया कि क्रिकेट फुटेज के लिए उनके पास BCCI की मंजूरी है और किसी पुरानी खेल घटना का जिक्र करने से फिल्म बायोपिक नहीं बन जाती।
उधर दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अक्टूबर को फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। जज ने कहा कि इस मोड़ पर रिलीज रोकना सही नहीं होगा, क्योंकि सिनेमाघरों की बुकिंग और अग्रिम भुगतान पहले ही हो चुका है।
अंतिम फैसला
अभी अंतिम फैसला बाकी है
निर्माताओं का कहना है कि याचिकाकर्ताओं ने पूरी फिल्म देखी ही नहीं है, वहीं गांगुली के पक्ष की दलील है कि प्रचार से ही उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल की आशंका साफ दिखती है।
कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगाने से इनकार सिर्फ एक अंतरिम फैसला दिया है, अधिकार उल्लंघन पर अंतिम फैसला आना अभी बाकी है। अदालत अब गांगुली से जुड़े संदर्भों, निर्माताओं की अनुमतियों और लव फिल्म्स के समझौते की जांच करेगी।