सोनू सूद की माता-पिता से भावुक अपील, कहा- उन्हें स्क्रीन नहीं; आपका साथ चाहिए
क्या है खबर?
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते 3 सगी बहनों के आत्महत्या करने के हृदयविदारक मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी पर अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने गहरी चिंता व्यक्त की है। सोनू ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर डिजिटल दुनिया के बढ़ते प्रभाव को 'खतरनाक' बताते हुए सरकार और समाज से कड़े कदम उठाने की अपील की है। क्या कुछ बोले सोनू, आइए जानते हैं।
मामला
सबसे पहले जानिए गाजियाबाद आत्महत्या मामला क्या है
4 फरवरी 2026 की रात गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 3 बहनें निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। तीनों को 'कोरियन लव गेम' की गंभीर लत थी। इसके कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी और खुद को कोरियन मानने लगी थीं। माता-पिता ने जब मोबाइल छीन लिया तो वे तनाव में आ गईं। फोन न मिलने और गेम न खेल पाने की तड़प के कारण उन्होंने ये खौफनाक कदम उठाया।
पोस्ट
नाबालिगों की डिजिटल लत पर सोनू की चिंता
इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनू ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक नाबालिगों की आसान पहुंच पर सवाल उठाए और तुरंत कड़े प्रतिबंध लगाने की वकालत की। उन्होंने आगाह किया कि बच्चों का स्क्रीन के सामने अत्यधिक समय बिताना अब केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक 'सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता' बनता जा रहा है। सोनू ने साफ कहा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को बिना निगरानी और बिना पाबंदी के सोशल मीडिया/गेमिंग की दुनिया में नहीं छोड़ना चाहिए।
मौत का कारण
ऑनलाइन लत के अदृश्य दबाव ने छीनी मासूम जिंदगियां
साेनू ने लिखा, 'गाजियाबाद में 3 मासूम बच्चियों ने अपनी जान गंवा दी। ये मौत हिंसा या गरीबी के कारण नहीं हुई, बल्कि उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लत के उस 'अदृश्य दबाव' के आगे दम तोड़ दिया, जो दिखाई नहीं देता। मैंने पहले भी इसके खिलाफ आवाज उठाई है और मैं फिर से कह रहा हूं। 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए।'
चेतावनी
समय रहते संभल जाइए- सोनू
सोनू ने लिखा, 'बचपन को मार्गदर्शन की जरूरत है। आपके साथ की जरूरत है, एल्गोरिदम की नहीं। उन्हें देखभाल की जरूरत है, न कि हर वक्त स्क्रीन की। ये किसी पर दोष मढ़ने के बारे में नहीं है। यह सुरक्षा के बारे में है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, संभल जाइए। इस घटना को महज एक और ऐसी हेडलाइन न बनने दें, जिसे हम भूल जाएं। अब कार्रवाई करने का समय है।'
ट्विटर पोस्ट
सोनू सूद का वीडियो
Social media can wait. Childhood can’t. 🙏 pic.twitter.com/KByJ38D1oS
— sonu sood (@SonuSood) February 4, 2026
ट्विटर पोस्ट
अभिनेता ने किया ये पोस्ट
Three young girls lost their lives in Ghaziabad today. 💔⁰Not to violence.⁰Not to poverty.⁰But to the unseen pressure of online gaming and digital addiction.
— sonu sood (@SonuSood) February 4, 2026
I’ve raised my voice before, and I’ll say it again.⁰Social media and online gaming must be restricted for children…
जानकारी
लॉकडाउन में मोबाइल बना दोस्त, फिर बना दुश्मन
जांच के अनुसार, तीनों बहनों को इस गेम की लत कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में लगी थी। स्कूल बंद होने और घर में कैद रहने के कारण मोबाइल ही उनका एकमात्र सहारा बन गया था, जो धीरे-धीरे एक घातक जुनून में बदल गया।