IDFA में शिशिर झा की 'रिवर्स ऑफ मेमोरी' का रहा जलवा
मनोरंजन
शिशिर झा की डॉक्यूमेंट्री 'रिवर्स ऑफ मेमोरी' को इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल एम्सटर्डम (IDFA) में जगह मिली है।
यह 72 मिनट की फिल्म एनविजन कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेगी। इसमें क्यूबा, बेल्जियम और कनाडा जैसे देशों की एंट्रीज भी शामिल हैं।
यह मौका डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकिंग में क्रिएटिव कहानियों और नए नजरिए को एक बड़ी पहचान दिलाता है।
IDFA देता है नई सोच वाली डॉक्यूमेंट्रीज को मंच
IDFA साल 1988 से ही डॉक्यूमेंट्रीज का एक ग्लोबल सेंटर रहा है। इसके 2026 एडिशन में 250 से ज्यादा फिल्में और न्यू-मीडिया प्रोजेक्ट दिखाए गए।
एनविजन कॉम्पिटिशन ऐसी फिल्मों के लिए है, जो विजुअल्स और कहानी कहने के तरीके में नए प्रयोग करती हैं।
इस साल का फेस्टिवल भी अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें ऐसी बोल्ड डॉक्यूमेंट्रीज को पहचान दी जा रही है जो असल दुनिया के मुद्दों को नए तरीकों से उठाती हैं।