
शर्मिला टैगोर ने राजेश खन्ना के बिना शूट किया था ये सुपरहिट गाना, अब सुनाया किस्सा
क्या है खबर?
शर्मिला टैगोर ने 13 साल की कम उम्र में ही फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। अभिनेत्री सत्यजीत रे की 1959 में आई फिल्म 'अपुर संसार' में नजर आई थीं।
वह पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रही थीं, लेकिन अब उन्होंने बताया कि उन्हें ये सब रास नहीं आ रहा था।
उन्होंने यह भी कहा कि राजेश खन्ना के साथ फिल्म 'आराधना' का गाना शूट न करने पर उनके खिलाफ मुकदमा हो सकता था।
फिल्मी सफर
घर बैठे मिला था शर्मिला को पहला मौका
द कोरम से अपने करियर के बारे में बात करते हुए शर्मिला ने बताया कि कैसे घर बैठे ही वह 13 साल की उम्र में 'बंगाल के दिल की धड़कन' बन गई थीं।
शर्मिला का कहना है कि उनके दादाजी के पास सत्यजीत रे का फोन आया, जिन्होंने उन्हें फिल्म 'अपुर संसार' में अपर्णा की भूमिका निभाने के लिए चुना।
दादाजी ने हामी भर दी और अभिनेत्री बाल कलाकार बनकर लोगों के दिलों पर राज करने में सफल हो गईं।
बयान
जिंदगी से जो चाहा, वो नहीं मिला- शर्मिला
शर्मिला ने कहा, "फिल्म रिलीज होने के बाद मेरी जिंदगी बदल गई। मैं 13 साल की उम्र में रातों-रात मशहूर हो गईं, लेकिन ये जो कुछ हुआ था उसकी, मैंने सराहना कभी नहीं की।"
शर्मिला अपने दोस्तों से अलग नहीं होना चाहती थीं, इसलिए कॉलेज जाना जारी रखा।
कुछ लोग उनसे अभिनेताओं के बारे में जानने के लिए बात करते तो कुछ उनसे दूरी बनाने लगे। ऐसे में अभिनेत्री जैसी जिंदगी चाहती थीं, वो उन्हें कभी नहीं मिली।
शूटिंग
राजेश के साथ शूटिंग के दौरान मिला एक और फिल्म का प्रस्ताव
इस दौरान शर्मिला ने बताया कि जब वह फिल्म 'आराधना' की शूटिंग कर रही थीं तो उन्हें सत्यजीत ने फिल्म 'अरण्येर दिन रात्रि' का प्रस्ताव दिया।
इसके लिए उन्हें एक महीने का समय देना था, लेकिन उन्हें राजेश के साथ 'आराधना' के लोकप्रिय गाने 'सपनों की रानी' को शूट करना था।
राजेश उस समय 12 निर्माताओं के साथ काम कर रहे थे, इसलिए उनकी तारीखों में बदलाव नहीं हो सकता था, बावजूद इसके अभिनेत्री ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।
शूटिंग
अलग-अलग जगह शूट करने पड़े थे राजेश और शर्मिला के सीन
शर्मिला के सत्यजीत की फिल्म का हिस्सा बनने के बाद राजेश के सीन दार्जिलिंग में और अभिनेत्री के सीन स्टूडियो में फिल्माने पड़े थे।
यह एक बहुत बड़ा समझौता था और इसलिए अभिनेत्री मानती हैं कि आज के समय में अगर वह ऐसा करतीं तो उन पर मुकदमा दर्ज हो जाता।
हालांकि, उनकी फिल्म 'आराधना' बहुत बड़ी हिट थी तो उन्हें माफ कर दिया गया। साथ ही उनकी फिल्म 'अरण्येर दिन रात्रि' को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिली।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
शर्मिला ने कोलकाता में नाम कमाने के बाद मुंबई का रुख किया था और 1970 में बॉलीवुड में छा गई थीं। अभिनेत्री ने अब मनोज बाजपेयी की डिज्नी+हॉटस्टार पर आई फिल्म 'गुलमोहर' से 12 साल बाद पर्दे पर वापसी की, जिसमें उनकी खूब तारीफ हुई।