रश्मि देसाई ने बताई थिएटर की 'कड़वी' हकीकत, बोलीं- पहचान और हक के लिए तरसते हैं रंगमंच के सितारे
मशहूर अभिनेत्री रश्मि देसाई ने हाल ही में थिएटर कलाकारों के संघर्ष और उनकी अनदेखी पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रंगमंच की दुनिया में कलाकार जी-तोड़ मेहनत तो करते हैं, लेकिन बाहरी दुनिया में उन्हें वो पहचान और हक समय पर नहीं मिल पाता, जिसके वे हकदार हैं।
रश्मि के मुताबिक, थिएटर में लोग बहुत मेहनत करते हैं, पर उन्हें अपना हक मिलने में काफी मुश्किल होती है। हालांकि, उन्होंने ये भी सराहा कि पहचान की कमी के बावजूद थिएटर कम्युनिटी के लोग आपस में एक-दूसरे का सहारा बनकर खड़े रहते हैं।
रश्मि देसाई को अपने थिएटर सफर पर गर्व
रश्मि देसाई ने अपने थिएटर के दिनों को याद करते हुए वैष्णवी, प्रतिमा, अयूब, ओजस रावल और असिफ पटेल जैसे साथी कलाकारों के साथ बिताए समय को बेहद खास बताया।
उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे थिएटर को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर रचनात्मक क्षेत्र के रूप में देखें और इसके पीछे की कड़ी मेहनत का सम्मान करें।
रश्मि का मानना है कि भले ही दुनिया उन्हें 'उत्तरन' जैसे टीवी शो या 'झलक दिखला जा 5' जैसे रियलिटी शो से जानती हो, लेकिन उनके करियर की बुनियाद थिएटर ही है और उन्हें अपने इस सफर पर गर्व है।