राज कुंद्रा का आत्महत्या के ख्यालों पर छलका दर्द- अब जीने का कोई मतलब नहीं बचा
क्या है खबर?
साल 2021 में अश्लील फिल्में बनाने और प्रचार करने के आरोप में गिरफ्तार हुए बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने ऑर्थर रोड जेल के अपने खौफनाक अनुभवों को साझा किया है। तकरीबन 2 महीने कस्टडी में गुजारने वाले शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने बताया कि जेल में जगह की इतनी किल्लत थी कि कैदियों को एक-दूसरे के ऊपर सोना पड़ता था और खाना बेहद खराब था। उन्होंने इस कठिन समय में खासतौर से शिल्पा के समर्थन को याद किया।
अनुभव
"तलाक की अफवाह से पूरी तरह टूट गया था"
ABP न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में राज ने कहा, "मैं वहां (जेल में) किसी तरह खुद को संभाल रहा था। फिर एक दिन मीडिया के जरिए खबर आई, जो बाद में मुझे अफवाह लगी कि शिल्पा, राज को छोड़ रही हैं और हमारा तलाक हो रहा है।"
पत्नी शिल्पा को अपना सबसे बड़ा सहारा और जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा मानने वाले राज इन अफवाहों से पूरी तरह टूट गए थे।
मनोबल
राज का शिल्पा ने ऐसे बांधा ढांढस
आत्महत्या के ख्यालों को याद करते हुए उन्होंने कहा, "उस रात मैं सो नहीं सका, क्योंकि मुझे लगा कि अब जिंदगी खत्म कर देनी चाहिए। मुझे लगने लगा था कि अब जीने का कोई मतलब नहीं बचा है।"
अगले दिन राज और शिल्पा की फोन पर बात हुई। शिल्पा ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा, "ये सब बकवास खबरें हैं। मैं तुम्हारे साथ हूं। मुझे तुम पर पूरा भरोसा है। तुम इसकी बिल्कुल चिंता मत करो।"
असर
पति की गैरमौजूदगी में शिल्पा पर पड़ा था गहरा अस
राज ने कहा कि जेल के वक्त ने उनकी जिंदगी बदल दी, लेकिन वो एक नई शुरुआत से खुश थे।
इंटरव्यू में बिजनेसमैन ने इस बात का भी जिक्र किया कि उनकी गिरफ्तारी का शिल्पा पर कितना गहरा मानसिक और भावनात्मक असर पड़ा था।
पति की गैरमौजूदगी में शिल्पा को अकेले ही पूरा घर और बाहर संभालना पड़ रहा था। राज का बिजनेस संभालने में असमर्थ होने के कारण शिल्पा ने रातों-रात कंपनी बंद करने का फैसला कर लिया था।
प्रयास
राज को बचाने के लिए शिल्पा ने झोंक दी थी पूरी ताकत
राज ने ये भी खुलासा किया कि शिल्पा ने इस केस को लड़ने के लिए सबसे बेहतरीन कानूनी टीम तैयार की थी। उन्होंने राज को ज्यादा समय तक सलाखों के पीछे न रहने देने के लिए अपनी ओर से हर संभव कोशिश की।
आखिरकार 67 दिनों के बाद राज जेल से बाहर आ गए। अपनी गिरफ्तारी के बावजूद उन्होंने इस पूरे मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलत काम करने के आरोपों को लगातार खारिज किया है।
जानकारी
तनाव में अकेले न रहें, यहां मिलेगी तुरंत मदद
अगर आप या आपका कोई परिचित तनाव से गुजर रहा है या आत्महत्या के विचार आ रहे हैं तो तुरंत मदद लें। आप सामाजिक न्याय मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 1800-599-0019 या 'आसरा' NGO के नंबर +91-22-27546669 पर संपर्क कर सकते हैं। मदद हमेशा उपलब्ध है।