स्ट्रीमिंग विवाद के बीच रुकी तमिल फिल्मों की रिलीज, जानिए क्या है पूरा मालमा?
तमिलनाडु के फिल्म निर्देशक और थिएटर मालिकों के बीच नई फिल्मों को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने से पहले सिनेमाघरों में दिखाने की अवधि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
थिएटर मालिक चाहते हैं कि यह अवधि 4 हफ्ते से बढ़ाकर 8 हफ्ते कर दी जाए। उनका कहना है कि इससे बॉक्स ऑफिस की कमाई बढ़ती है और दर्शकों का थिएटर जाने का रुझान बना रहता है।
निर्देशक को यह बात मंजूर नहीं है। उन्हें डर है कि इससे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई कम हो जाएगी और दर्शकों को अपनी पसंदीदा नई फिल्में देखने के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा।
निर्देशकों ने तमिलनाडु में नई रिलीज रोकने की दी चेतावनी
निर्देशकों का कहना है कि अवधि बढ़ने से स्ट्रीमिंग डील से होने वाली कमाई पर बुरा असर पड़ेगा, खासकर तब जब कई फिल्में थिएटरों में 8 हफ्तों तक चल ही नहीं पातीं।
अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है तो 1 सितंबर से नई रिलीज और शूटिंग दोनों को रोकने का फैसला लिया जा सकता है।
निर्देशकों ने साफ शब्दों में कहा है कि 1 सितंबर से तमिलनाडु में कोई भी नई तमिल फिल्म थिएटरों में रिलीज नहीं होगी।
इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि कोई बीच का रास्ता निकलने की उम्मीद है, शायद कुछ चुनिंदा फिल्मों के लिए ही यह लंबी अवधि तय की जाएगी, लेकिन फिलहाल तमिल सिनेमा जगत में सभी की नजरें इस विवाद के हल पर टिकी हैं।