क्रिस्टोफर नोलेन की 'द ओडिसी' कास्टिंग विवादों में घिरी, जानें क्या है पूरा मामला?
क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी', जो 17 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी और जिसमें टॉम हॉलैंड व मैट डेमन जैसे बड़े सितारे हें, अपनी कास्टिंग को लेकर काफी सुर्खियों में है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लुपिता न्योंगो 'हेलेन ऑफ ट्रॉय' का किरदार निभा सकती हैं, जिससे प्राचीन मिथकों की नई व्याख्या और उनके पारंपरिक यूरोकेंद्रित चित्रण को चुनौती देने की बहस छिड़ गई है।
यह फिल्म पहले ही दर्शकों के बीच गरमागरम चर्चा का विषय बन चुकी है। हालांकि, कुछ आलोचक इस कास्टिंग से नाखुश हें।
होमर ने हेलेन के लुक के बारे में कुछ खास नहीं बताया
हेलेन ऑफ ट्रॉय अपनी बेमिसाल खूबसूरती के लिए जानी जाती हें, लेकिन हैरानी की बात है कि कवि होमर ने उनके रूप-रंग का विस्तार से कोई वर्णन नहीं किया।
होमर के लिए, उनकी बाहरी सुंदरता से कहीं ज्यादा उनका प्रभाव और महत्व मायने रखता था। 'सफेद बाहें' जैसे शब्द उस समय सिर्फ रसूख या सामाजिक स्थिति को दर्शाते थे, न कि त्वचा के रंग को।
यहां तक कि एलन मस्क ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नोलन ने अपनी ईमानदारी खो दी है। यह फिल्म आज के दौर में प्राचीन मिथकों की व्याख्या को लेकर एक नई बहस छेद रही है।