मुमताज ने क्यों करियर के शिखर पर की शादी? कहा- मां बाेली थीं संस्कारी लोग हैं
क्या है खबर?
70 के दशक की सबसे चहेती और सुपरहिट अभिनेत्री मुमताज ने अपने करियर के शिखर पर फिल्मों को अलविदा कहकर सबको चौंका दिया था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी शादी और शम्मी कपूर के साथ अपने अधूरे रिश्ते पर कुछ खुलासे किए। मुमताज ने बताया कि कैसे एक रूढ़िवादी परिवार से होने के कारण उन्हें प्यार और करियर के बीच चुनाव करना पड़ा और क्यों उन्होंने एक बड़े सुपरस्टार का शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया।
खुलासा
मुमताज पर शादी के लिए परिवार ने बनाया दबाव
एक हालिया इंटरव्यू में मुमताज ने कहा, "मैं एक पारंपरिक ईरानी परिवार से आती हूं, इसलिए मेरे पिता का मानना था कि एक लड़की को एक निश्चित उम्र के बाद शादी कर लेनी चाहिए और 40 या 50 साल की उम्र तक काम करते नहीं रहना चाहिए। मेरी मां और बाकी सभी चाहते थे कि मैं शादी कर लूं। मैं अपने पति के परिवार को तब से जानती थी, जब मैं 7 या 8 साल की थी, हम पड़ोसी थे।"
कारण
मुमताज ने बताई शादी करने की वजह
मुमताज बोलीं, "मेरी मां ने उन्हें पसंद किया, क्योंकि वो उन्हें अच्छी तरह जानती थीं और उनका मानना था कि मैं उस परिवार में खुश रहूंगी। उन्होंने मुझसे फिल्मों में काम जारी न रखने के लिए कहा और कहा कि वे अच्छे, संस्कारी लोग हैं, जो मुझे खुश रखेंगे। मैं अपने परिवार को बहुत अच्छी तरह से जानती थी और हमेशा उनकी बात सुनती थी, इसलिए मैंने मयूर से शादी कर ली।"
चाहत
दिल में थी एक्टिंग की चाहत, पर परिवार की जिद के आगे हार गईं मुमताज
मुमताज ने बताया कि उन्होंने करियर के ऊपर परिवार की खुशी और शादी को क्यों तवज्जो दी। उन्होंने स्वीकार किया कि वो अभिनय जारी रखना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने अपने परिवार की इच्छाओं को प्राथमिकता दी। अभिनेत्री बोलीं, "अगर आपने मुझसे पूछा होता तो मैं थोड़ा और समय काम करना चाहती थी, लेकिन मेरा परिवार बहुत पारंपरिक है और उनका मानना था कि एक लड़की को एक निश्चित उम्र के बाद शादी कर लेनी चाहिए, इसलिए मैं सहमत हो गई।"
प्रस्ताव
मुमताज ने क्यों ठुकराया शम्मी कपूर का शादी प्रस्ताव?
मुमताज ने शम्मी कपूर के शादी के प्रस्ताव को ठुकराने पर कहा, "मुद्दा ये था कि मैं बहुत छोटी थी। मुझे शादी से कोई ऐतराज नहीं था, लेकिन पापाजी (पृथ्वीराज कपूर) एक शानदार इंसान थे और उनका नियम था कि घर की बहू शादी के बाद काम नहीं करेगी। गीता बाली भी शादी के बाद काम छोड़ चुकी थीं। मुमताज ने कहा कि उनकी अपनी महत्वाकांक्षाएं थीं, इसलिए उन्होंने काम जारी रखने के लिए प्रस्ताव मना कर दिया।
फैसला
...जब करियर के शिखर पर छोड़ दी थी चकाचौंध भरी दुनिया
70 के दशक में मुमताज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चमकती सितारों में से एक थीं। 'तेरे मेरे सपने' और 'रोटी' जैसी सुपरहिट फिल्मों के साथ वह अपने करियर के शिखर पर थीं। उन्होंने साल 1971 में 'खिलौना' में अपने उम्दा प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता था, लेकिन 1974 में बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी करने के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला कर सबको हैरान कर दिया था।