'घुसखोर पंडत' के बाद मनोज बाजपेयी को मिली मौत की धमकियां, परिवार भी आया निशाने पर
मनोज बाजपेयी ने बताया कि नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घुसखोर पंडत' के ऐलान के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं और ऑनलाइन ट्रोलिंग की एक बड़ी लहर आ गई।
मगर उन्हें सबसे ज्यादा ठेस तब पहुंची, जब ट्रोलर्स ने उनकी पत्नी और 15 साल की बेटी को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस बात से उन्हें बहुत गुस्सा आया और वे काफी निराश हुए।
उन्होंने हैरत जताते हुए पूछा कि उनके परिवार को इस विवाद में क्यों घसीटा गया, जबकि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं था।
मनोज ने 'घुसखोर पंडत' के टाइटल बदलने पर दी सफाई
मनोज ने साफ किया कि अभिनेता आमतौर पर फिल्म के नाम तय नहीं करते। हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने जनता की प्रतिक्रिया पर ध्यान दिया और बात अदालत तक पहुंचने से पहले ही फिल्म का नाम बदल दिया।
असल में, यह नाम एक दिल्ली पुलिस अधिकारी 'पंडत' के संदर्भ में था, किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। इसी विरोध के चलते, मनोज ने अपने कुछ पुराने समर्थकों की भी कड़ी ऑनलाइन आलोचना की।
इसके बाद ऑनलाइन ट्रोलिंग और अभिव्यक्ति की आजादी पर एक नई बहस छिड़ गई।