'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक- पसंद नहीं तो ना देखें फिल्म
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज को हरी झंडी दे दी है, लेकिन इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस फिल्म को ओडिशा की पवित्र रथ यात्रा के रीति-रिवाज संपन्न होने के बाद ही पर्दे पर उतारा जाए। दरअसल, फिल्म के कुछ दृश्यों पर पौराणिक ग्रंथों के उल्लंघन के आरोप लगे थे, जिसके चलते कोर्ट ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसकी रिलीज को टालना जरूरी समझा।
फैसला
रथ यात्रा के बाद फिल्म रिलीज करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज को मंजूरी दे दी है, लेकिन निर्देश दिया कि इसे रथ यात्रा के रीति-रिवाज पूरे होने के बाद ही प्रदर्शित किया जाए।
अदालत ने उड़ीसा हाई कोर्ट के उस आदेश पर सुनवाई की, जिसमें फिल्म पर रोक लगाई गई थी।
अब निर्माता 28 जुलाई या उसके बाद फिल्म रिलीज कर सकेंगे। कोर्ट ने पौराणिक ग्रंथों के उल्लंघन के आरोपों और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला सुनाया।
तर्क
27 को अनुष्ठान खत्म, उसके बाद करें रिलीज- कोर्ट
सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि फिल्म की रिलीज को टालने का उद्देश्य केवल ये सुनिश्चित करना था कि चल रही रथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा, "ये कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है। 27 तारीख को सारे रीति-रिवाज समाप्त हो रहे हैं, आप इसके बाद फिल्म को रिलीज करें।"
मंदिर प्रशासन द्वारा उठाई गई आपत्तियों का जवाब देते हुए पीठ ने गंभीर टिप्पणी भी की।
तीखी टिप्पणी
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
जज ने कहा, "आपकी आस्था आपकी अपनी है। अगर आपको फिल्म पसंद नहीं तो आप इसे अनदेखा करें। इस फिल्म की रिलीज होने से आपके भगवान के प्रति आपकी भक्ति या श्रद्धा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।"
पीठ ने सवाल उठाया कि क्या बच्चों की एक एनिमेटेड फिल्म सचमुच धार्मिक आस्था को कम कर सकती है। जज ने टिप्पणी करते हुए पूछा, "हम जानना चाहते हैं कि क्या सिर्फ एक एनिमेटेड फिल्म देखने से लोगों की श्रद्धा कम हो जाएगी?"
मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा उड़ीसा हाई कोर्ट का फैसला
फिल्म के निर्देशक और निर्माताओं ने उड़ीसा हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें रिलीज से एक दिन पहले 17 जुलाई को फिल्म की देशभर में स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी गई थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड पहले ही फिल्म को मंजूरी दे चुका है। कोर्ट ने ये भी माना कि जिस एनिमेटेड सीरीज पर फिल्म आधारित है, वो 2 साल से यूट्यूब पर उपलब्ध है।