'जन नायकन' विवाद मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया
क्या है खबर?
थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। एक तरफ फिल्म निर्माता उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सेंसर बोर्ड जल्द से जल्द प्रमाण पत्र जारी करे, जिससे फिल्म रिलीज का रास्ता साफ हो जाए। दूसरी ओर, मद्रास हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नया आदेश जारी किया, जिससे रिलीज पर फिर ग्रहण लग गया है। 27 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया है।
आदेश
मद्रास हाई कोर्ट ने एकल-न्यायाधीश के आदेश को रद्द कर दिया
मद्रास हाई कोर्ट ने 'जन नायकन' को सेंसर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए CBFC को निर्देश देने वाले एकल न्यायाधीश के पूर्व आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने नए सिरे से सुनवाई किए जाने के लिए मामले को वापस भेज दिया है। इस आदेश ने फिल्म निर्माताओं को न सिर्फ बड़ा झटका दिया है, बल्कि उनके पक्ष में दिए गए पिछले फैसले को पलटकर रख दिया है। बता दें कि 'जन नायकन' थलापति की आखिरी फिल्म है।
सुनवाई
कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला
20 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फैसले को सुरक्षित रख लिया था। कुल मिलाकर कानूनी दांव-पेंच में फंस चुकी फिल्म की रिलीज के आसार अभी नहीं दिख रहे, जबकि निर्माता इसे फरवरी तक किसी भी हाल में रिलीज करने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। निर्माताओं को संदेह है कि अगर आचार संहिता लागू लागू हुई, तो फिल्म की स्क्रीनिंग में रोक लग सकती है।