
#NewsBytesExplainer: दोबारा सिनेमाघरों का रुख कर रही हैं पुरानी फिल्में, जानिए क्या है इसका कारण
क्या है खबर?
बॉलीवुड में इन दिनों पुरानी फिल्मों को रिलीज करने का दौर सा चल गया है।
बीते कुछ समय से कई सारी शानदार फिल्में दोबारा से सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी हैं, जिन्हें देखने के लिए प्रशंसक भी काफी उत्सुक नजर आते हैं।
हालांकि, फिल्मों को दोबारा से रिलीज करने के पीछे निर्माताओं की योजना होती है, जिससे उन्हें काफी फायदा भी मिलता है।
आइए ऐसे में फिल्मों के दोबारा रिलीज होने की वजह के बारे में जानते हैं।
रणनीति
फिल्मों को रिलीज करना है निर्माता और एग्जीबिटर्स की रणनीति
ईटाइम्स संग बातचीत में सिनेमा के जानकार ने बताया कि कोरोना वायरस से पहले अगर निर्माता अपनी फिल्मों को दोबारा से सिनेमाघरों में रिलीज करना भी चाहते थे तो वह नहीं कर पाते थे क्योंकि तब तक इसको लेकर सही से कोई योजना नहीं बनी थी।
हालांकि, अब ऐसा करना निर्माता और एग्जीबिटर्स की रणनीति बन गया है।
निर्माता फिल्म का सीक्वल आने से पहले तो एग्जीबिटर्स त्योहार को ध्यान में रखकर फिल्म की रिलीज का विचार बना लेते हैं।
सीक्वल
सीक्वल से पहले दर्शकों को फिल्म से जोड़ना है वजह
हाल ही में सनी देओल की फिल्म 'गदर 2' ने सिनेमाघरों में दस्तक दी और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया।
हालांकि, इसकी रिलीज से पहले 2001 में आए फिल्म के पहले भाग 'गदर' को रिलीज किया गया था।
ऐसे इसलिए किया गया ताकि दर्शकों की यादें फिर से ताजा हो जाए या फिर जिन्होंने फिल्म नहीं देखी है वे इसका आनंद उठा सके।
ऐसा सिर्फ 'गदर' के साथ ही नहीं कई और फिल्मों के साथ भी हो चुका है।
जानकारी
प्रचार करने का शानदार तरीका
सीक्वल से पहले किसी भी फिल्म की पुरानी किस्त को रिलीज करना उसका प्रचार करने का शानदार तरीका होता है। ऐसे में फिल्म रिलीज से पहले चर्चा में आ जाती है और दर्शकों की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया का अंदाजा भी लग जाता है।
सालगिरह
सिनेमाघरों में मन रही फिल्मों की सालगिरह
निर्माता अपनी फिल्म की सफलता और उसकी रिलीज के कई साल पूरे होने का जश्न भी फिल्मों को दोबारा सिनेमाघरों में लाकर मना रहे हैं।
मार्च में शाहिद कपूर और करीना कपूर की फिल्म 'जब वी मेट' सिनेमाघरों में आई, जिसे 16 साल बाद भी दर्शकों ने पसंद किया और इसकी कमाई भी शानदार रही थी।
इसी तरह शाहरुख खान की फिल्म 'कुछ कुछ होता है' भी अपनी रिलीज के 25 साल पूरे होने पर दोबारा सिनेमाघरों में लौटी थी।
जयंती
जयंती पर हो रहे फिल्म महोत्सव आयोजित
सितारों के जन्मदिन पर उनकी शानदार फिल्में सिनेमाघरों में लग रही हैं तो दिग्गज अभिनेताओं की जयंती पर फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
हाल ही में देव आनंद की 100वीं जयंती पर 'देव आनंद@100 - फॉरएवर यंग' नाम से महोत्सव का आयोजन फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन ने किया था। यह 2 दिवसीय महोत्सव था, जिसमें अभिनेता की 4 फिल्मों को दिखाया गया।
इसके अलावा फिल्म निर्माता कुछ फिल्मों के लिए विशेष स्क्रीनिंग या कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
बीते महीने निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा के इंडस्ट्री में 45 साल पूरे होने पर उनकी बेहतरीन फिल्में दोबारा रिलीज हुई थीं। इनमें '3 इडियट्स', '1942: ए लव स्टोरी', 'परिंदा', 'मुन्नाभाई एमबीबीएस', 'लगे रहे मुन्नाभाई' और 'मिशन कश्मीर' जैसे फिल्में शामिल थीं।
दायरा
फिल्मों की पहुंच बढ़ाना भी है वजह
जिन फिल्मों की शुरुआत में सीमित रिलीज होती है, उन्हें व्यापक दर्शकों तक पहुंचने के लिए के लिए दोबारा सिनेमाघरों में लाया जाता है।
उन्हें ऐसे बाजार में प्रवेश करने के लिए फिर से रिलीज किया जाता है, जो पहले उनकी पहुंच से बाहर थे।
ऐसे में अगर फिल्म ज्यादा दर्शकों तक पहुंचकर बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती है तो निर्माताओं की अच्छी कमाई हो जाती है। साथ ही फिल्म और सितारों का प्रचार हो जाता है।
बदलाव
अब ये हो रहा बदलाव
पुरानी फिल्मों को दोबारा रिलीज करने से पहले उनकी ऑडियो और वीडियो की गुणवत्ता को बढ़ाया जाता है, जिससे ये पुराने दर्शकों के साथ नए को भी अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो।
इन फिल्मों को अलग अनुभव देने के लिए 3D या IMAX में रिलीज किया जा रहा है ताकि दर्शकों को इसमें कोई कमी न खले।
मालूम हो कि ऐसा सिर्फ बॉलीवुड में ही नहीं दक्षिण भारतीय सिनेमा की फिल्मों के साथ भी हो रहा है।