केरलम हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, TRP की गणना में होगा बड़ा बदलाव?
केरलम हाई कोर्ट ने एक नए नियम को हरी झंडी दे दी है। इस नियम के तहत, लैंडिंग पेज व्यूज (यानी, वे चैनल जो आपका सेट-टॉप बॉक्स चालू करते ही अपने आप दिखने लगते हैं) को अब आधिकारिक टीवी रेटिंग (TRP) में शामिल नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि TRP पर सिर्फ उन्हीं कार्यक्रमों का असर पड़ना चाहिए, जिन्हें दर्शक अपनी मर्जी से देखते हैं, न कि उनका जो अपने आप टीवी पर आ जाते हैं।
संचालकों ने किया ये दावा
ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन और डी ई एन नेटवर्क्स जैसे कई संगठनों ने इस नियम का विरोध किया है।
उनका कहना है कि इस बदलाव से उनकी विज्ञापन से होने वाली कमाई को बड़ा नुकसान हो सकता है, जिससे लैंडिंग पेज पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की कीमत भी घट जाएगी। उन्होंने यह भी दलील दी कि इससे दर्शकों तक उनकी पहुंच कम हो जाएगी, जो उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर रोक लगाता है।
इसके जवाब में सरकार ने कहा कि यह नियम लैंडिंग पेजों पर कोई रोक नहीं लगाता है। इसका मकसद सिर्फ TRP को ज्यादा सटीक बनाना है, ताकि इसमें 'जबरन' दिखाए गए या देखे गए व्यूज को शामिल न किया जाए।