रेनूकास्वामी मर्डर केस से जुड़ी 'बॉस' फिल्म को मिली हरी झंडी, कर्नाटक हाई कोर्ट ने दर्शन थोगाडुप्पा की अपील ठुकराई
कर्नाटक हाई कोर्ट ने कन्नड़ फिल्म 'बॉस' को थिएटर्स में रिलीज करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला तब आया जब अभिनेता दर्शन थोगाडुप्पा और उनकी पत्नी ने फिल्म पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी।
बताया जा रहा है कि यह फिल्म रेनूकास्वामी मर्डर केस से प्रेरित है, जिसमें दर्शन थोगाडुप्पा आरोपी हैं। अभिनेता का कहना था कि फिल्म रिलीज होने से उनके चल रहे मुकदमे पर बुरा असर पड़ सकता है और उनकी निजता का हनन भी हो सकता है।
जस्टिस येरुअर ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दिया हवाला
जस्टिस प्रदीप सिंह येरुअर ने अपने फैसले में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को तब तक नहीं रोका जा सकता जब तक कोई मजबूत कानूनी वजह न हो।
हाई कोर्ट ने पाया कि 'बॉस' को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। यह फिल्म सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है, न कि किसी का सीधा चित्रण।
इसलिए अदालत को इसकी रिलीज में कोई परेशानी नहीं दिखी। अदालत ने यह भी साफ किया कि फिल्म के निर्माताओं ने इसमें काफी पैसा लगाया है और ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि फिल्म से चल रही अदालती कार्यवाही पर कोई बुरा असर पड़ेगा।