करण जौहर ने याद किए पिता यश जौहर के आखिरी पल, जाते-जाते लिया था ये वादा
क्या है खबर?
करण जौहर ने अपने पिता और मशहूर फिल्ममेकर यश जौहर को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर किया है। पिता को अपना हीरो मानने वाले करण ने उनके साथ बिताए पलों और जिंदगी के आखिरी दिनों को याद किया। इस पोस्ट में करण ने अपने पिता के लिए दिल की बातें लिखीं। कुछ पुरानी पारिवारिक तस्वीरों के साथ करण ने अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि वो उनके जीवन में ढेर सारा प्यार लेकर आए थे।
किस्सा
करण ने याद किया पिता का मजेदार किस्सा
करण ने अपने पिता यश की जन्मतिथि पर उनसे जुड़ा एक मजेदार किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने नया आउटफिट पहनकर पापा से कहा कि वह इसमें काफी अच्छे लग रहे हैं। इस पर यश जौहर ने मजाकिया अंदाज में कहा, "बेटा, ये अच्छा नहीं, बहुत बुरा है।" अपने पिता की यह बेबाक बात सुनकर करण पहले हैरान हुए, लेकिन फिर दोनों खूब हंसे।
करण ने बताया कि उनके पिता बहुत सादगी पसंद और मजाकिया इंसान थे।
मनोबल
पिता हर दम यूं बढ़ाते थे करण का हौसला
करण ने यश जौहर को ऐसे इंसान के रूप में याद किया, जो हमेशा उनका हौसला बढ़ाते थे।
करण ने बताया कि जब वो अपने वजन को लेकर परेशान रहते थे, तब उनके पिता उन्हें समझाते थे कि ये सिर्फ बचपन का मोटापा है, जो समय के साथ ठीक हो जाएगा।
यश जौहर अक्सर करण से कहते थे कि वो इतने हैंडसम हैं कि हीरो बन सकते हैं। उन्होंने करण को घुड़सवारी सीखने के लिए भी प्रोत्साहित किया था।
वादा
पिता यश ने आखिरी दिनों में करण से लिया था खास वादा
करण ने लिखा कि पिता यश जौहर ने कीमोथेरेपी के बाद उनसे कहा था, 'मैं तुम्हें और तुम्हारी मां को छोड़ना नहीं चाहता, लेकिन मुझे लगता है कि अब मेरा समय आ गया है। बस मुझसे वादा करो कि तम हमेशा दयालु रहोगे। जिंदगी में कितनी भी सफलता क्यों न मिले, अगर इंसान अच्छा नहीं है तो उस सफलता का कोई मतलब नहीं। और अपनी मां का वैसे ही ख्याल रखना, जैसे मैंने हमेशा रखा है।'
भावुक पोस्ट
पिता के आखिरी पलों को याद कर भावुक हुए करण
करण ने बताया कि जब उनके पिता वेंटिलेटर पर थे और डॉक्टरों को कोई उम्मीद नहीं थी, तब उन्होंने पिता के कान में मां का ख्याल रखने का वादा किया।
कुछ ही देर में उनका निधन हो गया।
करण ने कहा कि पिता के जाने के बाद उनकी जिंदगी में एक खालीपन आ गया, जिसे वो कभी भरना नहीं चाहते। उन्होंने कहा, "माता-पिता को खोने के बाद एक भगवान मिल जाता है।"
यश जौहर का 2004 में निधन हुआ था।