कमल हासन ने की सरकार की तारीफ, बोले- पेपर लीक से भी बड़ा है ये मौका
क्या है खबर?
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तमिल सुपरस्टार और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने बातचीत के लिए सरकार की इच्छा का स्वागत किया है। अभिनेता से राजनेता बने कमल ने कहा कि टकराव की जगह बातचीत का रास्ता अपनाना सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने आगे कहा कि ये घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि हमारा लोकतंत्र जीवंत और गतिशील है।
मांग
शिक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार की मांग
कमल ने एक्स का सहारा लेते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार द्वारा बातचीत की इच्छा जताने का स्वागत किया।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से ये सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया कि ये बातचीत शिक्षा प्रणाली में सार्थक और स्थायी सुधारों का रूप ले सके।
अभिनेता ने इस बात पर भी जोर दिया कि जवाबदेही चयनात्मक (अलग-अलग लोगों के लिए अलग) नहीं हो सकती।
दो टूक
टकराव नहीं, संवाद ही लोकतंत्र है- कमल हासन
कमल ने अपने पोस्ट की शुरुआत में लिखा, 'टकराव की जगह बातचीत को आते देख खुशी हुई। असहमति के सुर भी संवाद के हकदार होते हैं। यही वास्तव में जीवंत लोकतंत्र की पहचान है। जहां समाज में पेलेट गन और लाठीचार्ज के लिए कोई जगह नहीं, वहीं सुरक्षाकर्मियों पर हमलों और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भी उसी निष्पक्षता से जांच की जानी चाहिए।'
कमल का मानना है कि ये अवसर केवल परीक्षा पेपर लीक से कहीं ज्यादा बड़ा है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए कमल हासन का पोस्ट
Glad to see dialogue replacing confrontation. Dissent deserves dialogue. This is democracy in action.
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) July 25, 2026
Pellet guns, electric shock batons and nail-studded lathis have no place in the land of Bapu.
Equally, attacks on security personnel and public property must be examined…
परीक्षा सुधार
परीक्षा सुधारों पर कही ये बात
अभिनेता ने छात्रों के विरोध और सरकार की बातचीत की पहल को शिक्षा व्यवस्था सुधारने का बड़ा मौका बताया। उन्होंने लिखा, 'मैं एक 'राष्ट्रीय शिक्षा एवं परीक्षा सुधार आयोग' बनाने की मांग करता हूं, जो 3 महीने में रोडमैप बनाकर परीक्षाओं में भरोसा लौटाए, छात्रों का तनाव कम करे और शिक्षा को आधुनिक बनाए। इसमें तमिलनाडु की बात भी सुनी जाए, जहां अनिता की दुखद मौत ने एक ही परीक्षा के भारी दबाव और दर्द को दिखाया था।'
सफर
आगे की राह लंबी, साथ चलना होगा- कमल
कमल ने अंत में लिखा, 'सरकार की बातचीत की इच्छा का स्वागत है। अब आइए ये सुनिश्चित करें कि इस संवाद से स्थायी सुधार निकलें। आगे की राह लंबी है, लेकिन सभी भारतीयों को इस पर एक साथ चलना होगा।"
उनका ये बयान प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने के कुछ दिनों बाद आया है।
बता दें कि इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी की मांग पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।