घाटी में गूंजा सिनेमा का जश्न, जम्मू-कश्मीर फिल्म फेस्टिवल ने बिखेरी नई रौनक
सितंबर 2026 में हुए जम्मू और कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ने घाटी को फिल्म निर्माण के वैश्विक मानचित्र पर फिर से लौटा दिया है।
1990 के दशक की शुरुआत में उग्रवाद शुरू होने से पहले, यह घाटी बॉलीवुड के लिए सबसे पसंदीदा शूटिंग स्थल हुआ करती थी।
कश्मीर की खूबसूरत वादी और समृद्ध संस्कृति अब एक बार फिर से सबका ध्यान खींच रही है। इस चार दिवसीय आयोजन में 40 देशों की 135 फिल्मों को दिखाया गया, जिसमें भारतीय सिनेमा की भी शानदार उपस्थिति रही।
इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में ग्लोबल सिनेमा की नई रौनक महसूस की गई।
फिल्म निर्माता बोले फेस्टिवल से कश्मीरी युवाओं को मिल रही नई प्रेरणा
इस फेस्टिवल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने कश्मीर को विश्व सिनेमा से फिर से जोड़ दिया है। फिल्म निर्माता जयदीप मुखर्जी ने कहा, "कश्मीर कितना रंगीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है... कश्मीर को और खोजा जाना चाहिए।"
मिथुन प्रमाणिक ने इसे यहां आए कॉलेज के छात्रों और कश्मीरी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
विजय चौधरी ने कहा कि यह फेस्टिवल यहां आए छात्रों और अन्य युवाओं में नया जोश भरेगा।
उन्होंने आगे कहा, "यह फेस्टिवल यहां आने वाले छात्रों और अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा। इससे उन्हें फिल्में बनाने का उत्साह मिलेगा।"
अभिनेता-निर्देशक अकबर खान ने बॉलीवुड और कश्मीर के पुराने प्रेम संबंध को याद करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।