ईरानी दूतावास ने बालकृष्ण की 'भगवंत केसरी' के सीन से ट्रंप को किया ट्रोल, वीडियो वायरल
क्या है खबर?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद तनाव के बीच ईरानी दूतावास ने बेहद अनोखे अंदाज में पलटवार किया है। जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप को ट्रोल करने के लिए साउथ स्टार नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म 'भगवंत केसरी' का एक एक्शन सीन सोशल मीडिया पर साझा किया। इस वीडियो के जरिए ईरान ने संदेश दिया कि वह अमेरिका की धमकियों के आगे झुकने वाला नहीं है।
तंज
ईरान ने बालकृष्ण के एक्शन सीन से साधा निशाना
संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप द्वारा ईरान को तबाह करने की धमकी के बाद जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने एक एक्शन क्लिप के साथ तंज कसा।
दूतावास ने चुटकी लेते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हॉलीवुड के बजाय बॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं।
हालांकि, ईरानी दूतावास की इस ट्रोलिंग में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब लोगों ने पहचाना कि साझा किया गया वीडियो बॉलीवुड का नहीं, बल्कि साउथ सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण की तेलुगू एक्शन फिल्म 'भगवंत केसरी' का है।
विकल्प
ट्रंप का आक्रामक रुख, ईरान के सामने रखे 2 विकल्प
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने उपलब्धियों का जिक्र करने के साथ ईरान को पूर्ण विनाश या बातचीत के 2 विकल्प दिए।
दुनियाभर के प्रतिनिधियों के सामने ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पूछा, "क्या मैं इस्लामिक गणराज्य को तुरंत तबाह कर दूं? या उन्हें ऐसी तबाही की ओर धकेल दूं जहां से उनके बचने या भविष्य की पीढ़ियों के पनपने की कोई उम्मीद न रहे?" उनके इस बयान ने वैश्विक मंच पर भारी हलचल मचा दी।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए वीडियो
UNBELIEVABLE 😯#Balayya does what Christopher Nolan and Steven Spielberg could not 🚨
— Always Bollywood (@AlwaysBollywood) September 24, 2026
Iran chose this video clip from #Balakrishna ’s #BhagavanthKesari to Mock Trump and Shares Balayya Movie Clip on its official account and made this world famous 🔥
Iran has turned to Telugu… pic.twitter.com/aMI7tTOrkQ
चुटकी
लगता है ट्रंप हॉलीवुड छोड़ भारतीय फिल्में देख रहे हैं- ईरानी दूतावास
जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप का बयान भारतीय फिल्में देखने का असर लगता है।
पोस्ट में लिखा गया कि ट्रंप ईरान को मिटाने की बात करते हैं, लेकिन वो जानते हैं कि ईरान बेबस नहीं है।
इसके साथ तेलुगू फिल्म 'भगवंत केसरी' का क्लिप लगाया गया, जिसमें साउथ एक्टर नंदमुरी बालकृष्ण मैनहोल के ढक्कन से गोलियों को रोकते दिखते हैं। दूतावास ने चुटकी ली कि शायद ट्रंप यही फिल्में देख रहे हैं।
खिंचाई
ईरानी दूतावास ने उड़ाया ट्रंप का मजाक
जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप का बयान भारतीय फिल्में देखने का असर लगता है।
पोस्ट में लिखा गया कि ट्रंप ईरान को मिटाने की बात करते हैं, लेकिन वो जानते हैं कि ईरान बेबस नहीं है। इसके साथ तेलुगू फिल्म 'भगवंत केसरी' का एक क्लिप लगाया गया, जिसमें अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण मैनहोल के ढक्कन से गोलियों को रोकते दिखते हैं। दूतावास ने चुटकी ली कि शायद ट्रंप यही फिल्में देख रहे हैं।
फिल्म
'भगवंत केसरी': एक्शन, इमोशन और महिला सशक्तिकरण की एक बेमिसाल कहानी
बालकृष्ण के दमदार एक्शन और प्रभावशाली संवादों से सजी 'भगवंत केसरी' ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो अपने दिवंगत दोस्त की बेटी को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। उसे भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार करता है।
समीक्षकों और दर्शकों द्वारा सराही गई इस फिल्म ने 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ तेलुगू फिल्म का पुरस्कार जीता। एक संरक्षक द्वारा युवती को सशक्त बनाने की इसकी कहानी बाद में विजय की फिल्म 'जन नायकन' की प्रेरणा बनी।