जियो हॉटस्टार की जांच में जीफ्लिक्स के पायरेसी ऑपरेशन का हुआ खुलासा, 20 लाख का अवैध खेल खत्म
जियो हॉटस्टार की पाइरेसी के खिलाफ कार्रवाई अब और सख्त हो गई है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने जीफ्लिक्स एंड्रॉइड ऐप के ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है। यह ऐप जियो हॉटस्टार का कंटेंट बिना किसी इजाजत के स्ट्रीम कर रहा था।
पुलिस ने 19 अगस्त, 2026 को एक FIR दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि जीफ्लिक्स एक पेड सर्विस चला रहा था, जो 1000 से ज्यादा अनधिकृत टीवी चैनल्स तक पहुंच दे रहा था।
इनमें 50 से ज्यादा स्पोर्ट्स चैनल्स भी शामिल थे। लोगों को यह दिखाने के लिए कि ये चैनल असली और कानूनी हैं, ऐप में असली ब्रॉडकास्टर्स के लोगो का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने जब्त किए उपकरण
20 अगस्त को पुलिस ने आरोपी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और दूसरे उपकरण जब्त कर लिए।
जांच में सामने आया कि जीफ्लिक्स ऐप के 35,000 से ज्यादा डाउनलोड्स थे और करीब 20,000 सक्रिय ग्राहक। इस तरह जीफ्लिक्स ने करीब 20 लाख रुपये कमाए थे। जियो हॉटस्टार की टीम ने खुद 149 और 799 रुपये के सब्सक्रिप्शन खरीदकर यह पुष्टि की कि वाकई लाइव स्पोर्ट्स जैसे प्रीमियम कंटेंट तक अवैध पहुंच उपलब्ध है।
जांच में हॉट वेब सीरीज जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स से भी कनेक्शन मिले हैं। अब फॉरेंसिक विशेषज्ञ जब्त किए गए सभी तकनीकी उपकरणों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जो जियो हॉटस्टार के बड़े एंटी-पाइरेसी अभियान का हिस्सा है।