भारत-फ्रांस की 'डेसिबेल', भारतीय AVGC-XR टैलेंट अब दुनिया भर में मचाएगा धमाल
भारत और फ्रांस ने मिलकर 'डेसिबेल' नाम से एक कई साल चलने वाली पहल शुरू की है, जिसके लिए 2 साल की ग्रांट भी दी गई है।
इस पहल का मुख्य मकसद दुनिया भर में भारतीय AVGC-XR (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सआर) टैलेंट को पहचान दिलाना है।
इसकी शुरुआत भारत में फ्रांस के दूतावास और फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया (IFI) ने की है, जिसे फ्रांस के विदेश मंत्रालय का समर्थन भी मिला है।
इस पहल के जरिए भारतीय रचनाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा और रचनात्मक विचारों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।
डेसिबेल बहुभाषी कॉमिक्स का विस्तार करेगी और लाइब्रेरियन को ट्रेनिंग देगी
डेसिबेल ने कुटुम्ब फाउंडेशन, वेस्टलैंड बुक्स और एनीवर्स एंड विजुअल आर्ट्स फाउंडेशन (AVAF) के साथ हाथ मिलाया है। इन साझेदारियों के तहत, पुस्तकालयों में अब ज्यादा बहुभाषी कॉमिक्स देखने को मिलेंगी, लाइब्रेरियन को खास ट्रेनिंग मिलेगी और कई पुरानी कहानियों को ग्राफिक नॉवेल्स के तौर पर नया जीवन मिलेगा।
AVAF की मदद से भारतीय एनिमेटर्स और गेम डिजाइनर्स को एनीमेला फेस्टिवल जैसे आयोजनों में दुनिया भर के लोगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
फ्रांस के राजदूत थिएरी मैथ्यू ने इस पहल के बारे में बात करते हुए कहा, 'डेसिबेल प्रोजेक्ट से जुड़े प्रतिभाशाली भारतीय रचनाकार संस्कृति के सच्चे 'पैसेयर्स' (वाहक) हैं, जो कहानियों, विचारों और नए प्रयोगों को सीमाओं के पार ले जाते हैं।'