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प्रत्युषा बनर्जी आत्महत्या मामला: बरी हुए राहुल राज सिंह, 10 साल बाद मिली कोर्ट से राहत
10 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद अभिनेता राहुल राज सिंह बरी

प्रत्युषा बनर्जी आत्महत्या मामला: बरी हुए राहुल राज सिंह, 10 साल बाद मिली कोर्ट से राहत

Oct 01, 2026
09:39 am

क्या है खबर?

मशहूर टीवी अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी की आत्महत्या के करीब 10 साल बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने 30 सितंबर को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपी उनके पूर्व बॉयफ्रेंड और अभिनेता-निर्माता राहुल राज सिंह को उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया है। हाई कोर्ट ने माना कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। अदालत ने अपने फैसले में दोनों के बीच हुई आखिरी बातचीत पर मुख्य रूप से भरोसा जताया।

राहत

राहुल राज सिंह उकसाने के आरोप से बरी

अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी आत्महत्या मामले में करीब 10 साल बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड और अभिनेता-निर्माता राहुल राज सिंह को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया।

अगस्त, 2023 में डिंडोशी सेशंस कोर्ट ने शारीरिक, भावनात्मक व वित्तीय प्रताड़ना का हवाला देते हुए राहुल की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी।

इसके खिलाफ राहुल हाई कोर्ट पहुंचे, जहां पीठ ने उनकी याचिका स्वीकार कर उन्हें बरी कर दिया।ं

दावा

राहुल राज सिंह ने कोर्ट में शादी का भी किया था दावा

'बालिका वधू' की प्रत्युषा बनर्जी ने 1 अप्रैल, 2016 को गोरेगांव स्थित घर में आत्महत्या की थी, जिसके बाद राहुल पर मामला दर्ज हुआ।

राहुल को जुलाई 2016 में अग्रिम जमानत मिली थी। बांगुर नगर पुलिस द्वारा अप्रैल 2018 में चार्जशीट दाखिल करने के बाद राहुल ने डिस्चार्ज याचिका दायर की।

वकील श्रेयंश मिथारे के जरिए राहुल ने दावा किया कि वो दिसंबर, 2016 में शादी करने वाले थे, लेकिन प्रत्युषा अपने माता-पिता के लगातार हस्तक्षेप से काफी परेशान थीं।

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आरोप

राहुल पर प्रत्युषा की मां ने लगाया मारपीट और पैसे हड़पने का आरोप

राहुल ने दावा किया कि प्रत्युषा अपने माता-पिता के कारण परेशान थीं। उनके परिजनों को पैसे देने से रोकने पर उनके रिश्ते में दरार आई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्युषा के माता-पिता उसकी कमाई से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे।

उधर प्रत्युषा की मां ने आरोप लगाया कि राहुल अधिकार जताने वाला बॉयफ्रेंड था, उसने कई बार बेटी संग मारपीट की, उसके पैसों का दुरुपयोग कर वित्तीय नुकसान पहुंचाया और उसे परिजनों से बात भी नहीं करने दी।

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तर्क

हाई कोर्ट में राहुल की याचिका का मुख्य तर्क 

राहुल ने याचिका में कहा कि प्रत्युषा समझदार और मशहूर अभिनेत्री थीं। अगर दिक्कत होती तो वो कभी भी रिश्ता तोड़ सकती थीं।

उनके वकील के मुताबिक, मौत वाले दिन की आखिरी फोन कॉल में राहुल प्रत्युषा को समझा रहे थे, उनसे प्यार जताते हुए जल्दी घर लौटने की बात कह रहे थे।

इससे साफ है कि उन्होंने आत्महत्या के लिए नहीं उकसाया। वकील का कहना है कि बिना किसी सुसाइड नोट के मुकदमा चलाना कानून का गलत इस्तेमाल है।

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