'GDN' रिव्यू: आर माधवन की फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरी या नहीं? जनता से सुनाया फैसला
क्या है खबर?
आर माधवन की फिल्म 'GDN' लंबे समय से सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रही थी। कृष्णकुमार रामकुमार द्वारा लिखित और निर्देशित इस बायोग्राफिकल ड्रामा में उन्होंने 'भारत के एडिसन' कहे जाने वाले आविष्कारक और उद्योगपति जीडी नायडू (गोपालस्वामी दोरईस्वामी नायडू) का किरदार निभाया है। फिल्म में सत्यराज, जयराम, और प्रियामणि जैसे कलाकार भी अहम किरदारों में शामिल हैं। सिनेमाघरों में इसका पहला शो देखने के बाद दर्शकों ने अपनी राय व्यक्त की है। आइए डालते हैं एक नजर।
निर्देशन
सिनेमाघरों में देखने के लायक फिल्म
'GDN' को शुरुआती तौर पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलती दिखाई दे रही हैं।
निर्माता जी धनंजेयन ने लिखा, 'GDN कोयंबटूर के महान आविष्कारक और व्यवसायी जीडी नायडू पर बनी एक बेहतरीन बायोपिक है। यह हमें गर्व का अनुभव कराती है कि ऐसे बुद्धिमान व्यक्ति ने आम लोगों के लिए इतना कुछ नया किया। अद्भुत रचना और प्रदर्शन! माधवन ये फिल्म देखने लायक है। निर्देशक कृष्ण कुमार को बधाई । सभी कलाकारों और तकनीशियनों का अच्छा योगदान इसे देखने लायक बनाता है।'
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए पोस्ट
#GDN is a well made biopic on the legendary inventor & businessman #GDNaidu of Coimbatore. It makes us proud that such an intelligent person innovated so much for common people👌
— G Dhananjheyan (@Dhananjayang) August 7, 2026
Amazing creation & performance from @ActorMadhavan makes is a very good watch . Congrats Dir.… pic.twitter.com/v25ma5mQXf
अभिनय
GDN के किरदार में छा गए माधवन
माधवन के अभिनय की तारीफ करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'माधवन ने अपने सबसे समर्पित प्रदर्शनों में से एक दिया है, जिसमें उन्होंने जीवन के विभिन्न चरणों में आविष्कारक का किरदार बखूबी निभाया है।'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'ये एक बेहतरीन बायोपिक है, जो तालियों की गड़गड़ाहट की हकदार है। यह फिल्म सिर्फ एक साहसी आविष्कारक की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की कहानी भी है, जिसने कभी अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं किया।'
फिल्म
'GDN' के बारे में जानिए
रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' में 'अजय सान्याल' के किरदार में वाहवाही बटोरने के बाद माधवन बायोग्राफिकल फिल्म 'GDN' के जरिए दर्शकों के बीच लौटे हैं।
अभिनय के अलावा उन्होंने इसकी पटकथा लिखने में भी योगदान दिया है, जबकि निर्माण वर्गीस मूलन पिक्चर्स द्वारा ट्राइकलर फिल्म्स के सहयोग से हुआ है।
फिल्म जीडी नायडू के संघर्षों, अविष्कार और भारतीय इंजीनियरिंग को नई दिशा देने की कहानी दिखाती है।
इसे तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और हिंदी में रिलीज किया गया है।