रीमा दास बुसान फिल्म फेस्टिवल की जूरी बनीं, जानिए क्या है इसमें खास?
फिल्मकार रीमा दास इस साल बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में न्यू करेंट्स अवार्ड के लिए जूरी सदस्य बनी हैं। यह फेस्टिवल 6 से 15 अक्टूबर, 2026 तक चलेगा।
वह एशियाई सिनेमा में नई और उभरती प्रतिभाओं को चुनने में मदद करेंगी। उनके साथ कोरियाई एक्टर शिम यूं-क्यूंग और चीनी निर्माता शान जुलॉन्ग भी जूरी में शामिल होंगे।
यह अवार्ड उभरते फिल्मकारों को पहचान दिलाता है और इसमें 20 मिलियन KRW (कोरियन वोन) की पुरस्कार राशि मिलती है।
रीमा की फिल्म 'नॉट अ हीरो' का बुसान में प्रीमियर
रीमा का इस फेस्टिवल से गहरा रिश्ता रहा है। उनकी फिल्में 'बुलबुल कैन सिंग' और 'तोराज़ हसबैंड' पहले भी यहाँ दिखाई जा चुकी हैं।
यहां तक कि उनकी फिल्म 'विलेज रॉकस्टार्स 2' ने 2024 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का किम जिसिओक अवार्ड भी जीता था।
इस साल, उनकी फिल्म 'नॉट अ हीरो' का बुसान में एशियन प्रीमियर होने वाला है। रीमा ने कहा है कि बुसान फिल्म फेस्टिवल उनकी फिल्म निर्माण यात्रा का एक बहुत ही खास हिस्सा रहा है।
उन्होंने बताया, "मैं अपनी फिल्मों के साथ यहां आई हूं, दर्शकों और फिल्मकारों से मिली हूँ और फेस्टिवल को कई अलग-अलग नजरियों से अनुभव किया है। अब जूरी सदस्य के तौर पर लौटना मेरे लिए बेहद मायने रखता है।"
उनका आने वाला प्रोजेक्ट 'मालती, माई लव' भी बुसान के एशियन प्रोजेक्ट मार्केट में दिखाया गया था। यह इस बात का सबूत है कि उनका काम इस बड़े फिल्म इवेंट से कितना जुड़ा हुआ है।