राम गोपाल वर्मा को आखिरी चेतावनी, 29 करोड़ का बकाया न चुकाने पर होगी बड़ी कार्रवाई
क्या है खबर?
मशहूर फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा 29.67 करोड़ रुपये के पुराने बकाए को लेकर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। प्रोडक्शन हाउस 'एक्लाटेंट फिल्म्स' ने उन्हें नोटिस जारी कर पूरी रकम चुकाने का अल्टीमेटम दिया है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि तय समय में भुगतान न होने पर वे निर्देशक की आगामी फिल्मों, राइट्स और कमाई पर कानूनी दावा ठोकेंगे। साथ ही निर्माताओं ने इंडस्ट्री को बिना NOC उनके साथ काम या लेनदेन न करने की नसीहत दी है।
नोटिस
भुगतान न करने पर फिल्में रोकने की चेतावनी
राम गोपाल वर्मा 29.67 करोड़ का बकाया न चुकाने के कारण कानूनी विवाद में घिर गए हैं।
सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, प्रोडक्शन कंपनी 'एक्लाटेंट फिल्म्स' ने निर्देशक पर भुगतान न करने का आरोप लगाया है। कंपनी ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजकर 30 अक्टूबर तक पूरा पैसा चुकाने की चेतावनी दी है।
कंपनी ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में भुगतान न करने पर वर्मा की आगामी फिल्मों के अधिकार रोक दिए जाएंगे और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला
हाई कोर्ट के आदेश और 11.38 करोड़ के ब्याज का मामला
नोटिस के मुताबिक, ये विवाद 10 अप्रैल, 2010 के समझौते और 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश से जुड़ा है।
कंपनी का कहना है कि मूल रकम पर 11.38 करोड़ का ब्याज जुड़ने से कुल बकाया 29.67 करोड़ से अधिक हो गया है। इसी कारण 15 अक्टूबर को वर्मा को कानूनी नोटिस भेजा गया।
'एक्लाटेंट फिल्म्स' का कहना है कि जब तक वर्मा पूरा पैसा नहीं चुका देते, वो किसी तीसरी कंपनी के साथ काम नहीं कर सकते।
पाबंदी
बिना NOC नया काम नहीं कर सकेंगे राम गोपाल वर्मा
कंपनी के अनुसार, राम गोपाल वर्मा को फिल्म निर्माण, निर्देशन या लेखन के किसी भी काम के लिए लिखित (NOC) लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति वे नया प्रोजेक्ट शुरू नहीं कर सकते।
कंपनी ने चेतावनी दी है कि 30 अक्टूबर तक बकाया न चुकाने पर उनके प्रोजेक्ट्स रोक दिए जाएंगे और फिल्मों के अधिकार, शेयर व कमाई पर कानूनी दावा ठोका जाएगा।
इससे उनकी फिल्मों की रिलीज और प्रसारण से होने वाली कमाई पर रोक लग सकती है।
चेतावनी
OTT प्लेटफॉर्म और कंपनियों को चेतावनी
सार्वजनिक नोटिस में राम गोपाल वर्मा के प्रोजेक्ट्स के अधिकार खरीदने, बेचने, बांटने या OTT पर स्ट्रीम करने वाली कंपनियों को भी चेतावनी दी गई है।
कंपनी ने साफ कहा है कि बिना NOC के लेनदेन करने वाली पार्टियां खुद जिम्मेदार होंगी। यदि कोई बिना अनुमति समझौता करता है तो उसके खिलाफ स्टे ऑर्डर (रुकवाने का आदेश), कोर्ट केस और कानूनी कार्रवाई के जरिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले में वर्मा का बयान आना अभी बाकी है।