ट्रम्प के नाम को लेकर कैनेडी सेंटर में घमासान, जानें क्या है पूरा मामला?
कैनेडी सेंटर के जिस बोर्ड को ट्रम्प ने नियुक्त किया था, वह इमारत से उनका नाम हटाने के कोर्ट के आदेश को टालने की कोशिश कर रहा है।
इस आदेश के मुताबिक, 12 जून, 2026 तक ट्रम्प का नाम हटाना जरूरी है। हाल ही में एक फेडरल जज ने फैसला दिया है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना सेंटर का नाम बदलना गैर-कानूनी था।
इसी फैसले के साथ, सेंटर के नवीनीकरण का काम भी रोक दिया गया। 4 जून को जारी एक आंतरिक मेमो में बोर्ड को निर्देश दिए गए कि वे फिर से 'द जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' नाम का ही इस्तेमाल करें।
कैनेडी सेंटर को मुकदमे और कलाकार के विरोध का करना पड़ रह सामना
ट्रम्प का नाम जोड़े जाने के बाद से सेंटर को काफी विरोध झेलना पड़ा। इसके चलते इशा रे और बेला फ्लेक जैसे कई जाने-माने कलाकारों ने अपने कार्यक्रम छोड़ दिए और जीन डेविडसन ने भी सेंटर से इस्तीफा दे दिया।
प्रतिनिधि जॉयस बीटी ने नाम बदलने को चुनौती देते हुए एक मुकदमा भी दायर किया। हालांकि, आलोचक बोर्ड की इस आखिरी समय की अपील को हताशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं।
सेंटर ने अपनी वेबसाइट और ईमेल से ट्रम्प का नाम हटाना तो शुरू कर दिया है। वे अब एक आखिरी फैसले का इंतजार कर रहे हैं।