फिल्म 'हर' के निर्देशक ने AI चैटबॉट से जुड़े जोखिमों पर चेताया, कही यह बड़ी बात
निर्देशक स्पाइक जोनाज, जिन्होंने 'हर' नाम की फिल्म बनाई थी, अब AI चैटबॉट्स के बारे में चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि ये बॉट्स भले ही इंसानों जैसा व्यवहार करते हों, लेकिन असल में ये सिर्फ एक सिस्टम हैं।
न्यूयॉर्क में रेप्लिट के वाइबकॉन कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि ये बॉट्स बेहद असरदार, लुभावने और साथ ही बहुत उपयोगी व शक्तिशाली भी होते हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सभी को याद दिलाया कि ये बस पैटर्न पहचानने वाले बेहतरीन औजार हैं, सच्चे दोस्त या साथी नहीं।
उन्होंने यूजर्स से अपील की कि वे इस बात को ध्यान में रखें और इन बॉट्स के असली लगने के झांसे में आकर बहक न जाएं।
AI चैटबॉट्स पर कंपनियों का है कंट्रोल
स्पाइक की ये चिंताएं एक बड़े चलन की तरफ इशारा करती हैं। कुछ लोग AI चैटबॉट्स से भावनात्मक तौर पर इतना जुड़ने लगे हैं कि जब उन्हें इन बॉट्स तक पहुंच नहीं मिल पाती, तो वे खुद को खोया हुआ या परेशान महसूस करने लगते हैं।
ऐसे मामलों में, AI साइकोसिस की स्थिति पैदा हो सकती है, जहां बॉट्स से बहुत देर तक बात करने के बाद लोगों की सोच गलत दिशा में जाने लगती है।
निजता पर जोर देने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल की अध्यक्ष मेरडिथ व्हिटेकर ने भी इस पर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि इन AI चैटबॉट्स पर कंपनियों का नियंत्रण होता है, इसलिए इन्हें कभी भी सच्चे दोस्त या साझेदार नहीं समझना चाहिए।