अमिताभ बच्चन से जाह्नवी कपूर तक, सितारों की पहचान पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट अब ऑनलाइन सेलिब्रिटी की तस्वीरों से जुड़े नियमों पर नए सिरे से गौर कर रहा है। पहले की तरह किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर का इस्तेमाल होते ही उस पर सीधे रोक लगाने के बजाय, अदालत हर मामले की बारीकी से जांच कर रहा है।
अदालत यह समझने की कोशिश कर रहा है कि सीमा रेखा कहां खींचनी चाहिए, खासकर जब मामला व्यंग्य या मानहानि का हो।
इस नए तरीके का उद्देश्य है कि जहां एक तरफ सितारों को अपनी छवि पर नियंत्रण का अधिकार मिले, वहीं दूसरी तरफ लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी भी कायम रहे।
जान्हवी और विवेक के मामलों से कंटेंट हटाने की सीमाएं होती हैं तय
साल 2026 में, जान्हवी कपूर ने अदालत से अलग-अलग कैटेगरी के कंटेंट से हजारों URL हटाने की गुहार लगाई थी। हालांकि, इनमें से सिर्फ 522 URL ही अश्लील पाए जाने पर हटाए गए।
उधर, विवेक ओबेरॉय के मामले ने भी यह सवाल खड़ा किया कि क्या कानूनी कार्रवाई का गलत इस्तेमाल उन लिंक को हटाने के लिए किया जा रहा है, जिनका उनके मामले से सीधा संबंध नहीं है।
इन दोनों ही मामलों से यह बात साफ हो जाती है कि अदालत जहां सितारों को होने वाले असली नुकसान से बचाना चाहता है, वहीं वह ऑनलाइन रचनात्मक अभिव्यक्ति या आलोचना पर पूरी तरह से रोक लगाने के पक्ष में नहीं है।