मोहनलाल का AI और डीपफेक के दौर में बड़ा कदम, अपनी पहचान पर लगवाया कानूनी पहरा
क्या है खबर?
अमिताभ बच्चन और रजनीकांत जैसे सिताराें के बाद अब मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल ने भी अपनी पहचान पर कानूनी मोहर लगवाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उनकी 'पहचान' (नाम, आवाज और चेहरा) की सुरक्षा के मामले में कोर्ट एक बड़ा आदेश पारित करने की तैयारी में है। आदेश आने के बाद कोई भी बिना इजाजत सुपरस्टार के नाम, उनकी अनोखी आवाज, चेहरे या उनके सिग्नेचर का इस्तेमाल व्यावसायिक फायदे के लिए नहीं कर पाएगा।
आदेश
कोर्ट ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को 2 हफ्ते में कार्रवाई का आदेश दिया
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में न केवल कंटेंट हटाने का मन बनाया है, बल्कि चोरी-छिपे सुपरस्टार की पहचान का इस्तेमाल करने वालों की घेराबंदी भी शुरू कर दी है। कोर्ट ने मोहनलाल के पक्ष में कड़ा रुख अपनाते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को 2 हफ्ते का समय दिया। कोर्ट ने साफ कहा है कि अभिनेता की आवाज, नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करने वाले गुमनाम चेहरों की पहचान उजागर की जाए।
सवाल
जज ने लगाई फटकार
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की जज ज्योति सिंह ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को आड़े हाथों लेते हुए काफी सख्त टिप्पणियां कीं। जज ज्योति सिंह ने पूछा, "सरेआम किसी की इमेज का इस्तेमाल, आखिर क्यों? मुझे बताओ कि क्या आपने इसे हटा दिया है, मैं इसे रिकॉर्ड में लूंगी।" कोर्ट को बताया गया कि अभिनेता की फोटो और नाम वाले अनधिकृत मर्चेंडाइज (जैसे टी-शर्ट, पोस्टर और अन्य सामान) को प्लेटफॉर्म से पहले ही हटा दिया गया है।
सुनवाई
अगली सुनवाई 4 जुलाई को तय, कलाकारों की सुरक्षा सख्त
जज ने व्यक्तिगत रूप से उन सभी आपत्तिजनक URLs की जांच की, जहां मोहनलाल की पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा था। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से कहा है कि वे उन लिंक्स पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट दें, जिन पर अभिनेता की टीम ने आपत्ति जताई है। अगली सुनवाई 4 जुलाई को तय की गई है। इस आदेश ने साफ कर दिया है कि बिना सहमति के किसी भी कलाकार की छवि को भुनाना अब आसान नहीं होगा।
करियर
मोहनलाल का फिल्मी दुनिया में शानदार सफर
मोहनलाल आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। साल 1980 में फिल्म 'मंजिल विरिंजा पूक्कल' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले मोहनलाल पिछले 45 वर्षों से रुपहले पर्दे पर राज कर रहे हैं। उन्होंने करीब 400 फिल्मों में काम किया है। इनमें से ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई हैं। उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री और पद्म भूषण जैसे नागरिक सम्मानों के साथ-साथ कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।