टी-सीरीज मामला: रिलायंस एंटरटेनमेंट को दिल्ली हाई कोर्ट की अंतिम चेतवानी- बकाया चुकाओ या जेल जाओ
क्या है खबर?
दिल्ली हाई कोर्ट ने टी-सीरीज संग चल रहे एक कानूनी विवाद में सख्त रुख अपनाते हुए रिलायंस एंटरटेनमेंट के अधिकारियों को बड़ी सजा सुनाई है। अदालत के आदेशों की अनदेखी करने पर कोर्ट ने इसे 'अदालत की अवमानना' माना और अधिकारियों को 4 हफ्ते (1 महीने) की जेल की सजा का फरमान जारी किया है। कॉपीराइट और कानूनी अनुपालन के मामले में कोर्ट का ये फैसला कॉर्पोरेट जगत के लिए एक कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
फैसला
टी-सीरीज केस में रिलायंस एंटरटेनमेंट दोषी
कोर्ट ने टी-सीरीज संग चल रहे एक वित्तीय विवाद में अदालत के आदेशों का पालन न करने पर रिलायंस एंटरटेनमेंट और उसके अधिकारियों को अवमानना का दोषी करार दिया है। इस कड़े फैसले में कोर्ट ने साफ किया कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये पूरा मामला टी-सीरीज और रिलायंस एंटरटेनमेंट के बीच के एक पुराने वित्तीय लेन-देन और समझौते से जुड़ा है, जिसमें रिलायंस को भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश
कंपनी के पास बकाये का निपटारा करने के लिए अब केवल 14 दिनों का समय
जज मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि रिलायंस एंटरटेनमेंट ने टी-सीरीज ब्रांड का संचालन करने वाली कंपनी 'सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड' के बकाये भुगतान को जमा करने के अदालती निर्देशों की जानबूझकर अवज्ञा की है। अदालत ने रिलायंस कंपनी के 3 प्रतिनिधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए आदेश दिया है कि अगर 2 सप्ताह के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें 4 सप्ताह के साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।
भुगतान
रिलायंस अधिकारियों को कोर्ट की मोहलत, 2 हफ्ते में चुकाएं बकाया
अदालत ने रिलायंस के अधिकारियों को भुगतान का अवसर देने के लिए जेल की सजा फिलहाल 2 सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। उत्तरदाता 1 से 3 को 16 मार्च 2026 को ज्वाइंट रजिस्ट्रार के समक्ष पेश होना होगा। उन्हें 1 लाख रुपये का बेल बांड और इतनी ही जमानत देनी होगी। अगर 2 सप्ताह के भीतर बकाया राशि जमा हो जाती है तो जेल की सजा माफ कर दी जाएगी और जमानत बांड भी डिस्चार्ज कर दिए जाएंगे।
मामला
168 करोड़ के कर्ज से शुरू हुआ टी-सीरीज बनाम रिलायंस केस
विवाद की जड़ 2021 के एक ऋण समझौते में है। कानूनी लड़ाई तब शुरू हुई जब टी-सीरीज ने रिलायंस एंटरटेनमेंट को 6 फिल्मों की आंशिक फंडिंग के लिए 168 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। इस राशि पर 12.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तय था और प्रोजेक्ट्स की कमाई में टी-सीरीज की हिस्सेदारी भी तय हुई थी। बाद में टी-सीरीज ने आरोप लगाया कि रिलायंस पुनर्भुगतान में विफल रहा, जिसके बाद 60 करोड़ की वसूली के लिए मुकदमा दायर किया गया।
आदेश
रिलायंस को कोर्ट का आदेश
रिलायंस को 'ZEE एंटरटेनमेंट' से 7.42 करोड़ मिलने थे, जिो कोर्ट ने टी-सीरीज का कर्ज चुकाने के लिए जमा करने का आदेश दिया। रिलायंस की 2 फिल्में विद्युत जामवाल अभिनीत 'IB-71' और अजय देवगन अभिनीत 'भोला' से मिलने वाले 2.32 करोड़ भी कोर्ट ने टी-सीरीज को देने को कहा। कोर्ट ने कहा कि रिलायंस को अपनी फिल्मों या अन्य कंपनियों से मिलने वाला मुनाफा टी-सीरीज का बकाया चुकाने में इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा न करने पर रिलायंस को सजा सुनाई।