आराध्या बच्चन के नाम पर फर्जी खबरों का खेल, दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंचा मामला
दिल्ली हाई कोर्ट इन दिनों आराध्या बच्चन से जुड़े एक मामले की जांच कर रही है। दरअसल, कुछ ऑनलाइन वीडियोज में उनके स्वास्थ्य को लेकर गलत दावे किए गए थे।
यह मामला सिर्फ अफवाहें रोकने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई बड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं। मसलन, किसी मशहूर परिवार के नाम और उनकी प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत इस्तेमाल से कैसे बचाया जाए और इसके लिए क्या कानूनी नियम होने चाहिए।
जस्टिस अनुप ने उपनाम ट्रेडमार्क सुरक्षा पर उठाए सवाल
13 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान, जस्टिस अनुप जे. भामभानी ने इस बात पर विचार किया कि क्या 'बच्चन' जैसे किसी जाने-माने उपनाम को भी ट्रेडमार्क की तरह कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ऐसी सुरक्षा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जा सकती है। कोर्ट में इस पर भी चर्चा हुई कि किसी परिवार के नाम से जुड़ी उपलब्धियों का उस नाम के अधिकारों पर क्या असर होता है।
साथ ही, यह भी देखा गया कि क्या झूठी खबरें फैलाने से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) से जुड़े कानूनों का उल्लंघन होता है।
प्रवीण आनंद ने की बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा बचाने की अपील
बच्चन परिवार की ओर से वकील प्रवीण आनंद ने जोर देकर कहा कि उनके नाम और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
गौरतलब है कि साल 2023 में भी अदालत ने उन यूट्यूब चैनल्स पर रोक लगा दी थी, जो आराध्या के स्वास्थ्य को लेकर गलत जानकारियां फैला रहे थे।