राजेश खन्ना के मशहूर बंगले 'आशीर्वाद' को 'भूतिया' कहना पड़ा महंगा, हाई कोर्ट ने सुनाया फरमान
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मीडिया और सोशल मीडिया पर राजेश खन्ना के मशहूर बंगले 'आशीर्वाद' को 'भूतिया', 'शापित' या 'अशुभ' जैसे शब्दों से बुलाने पर अस्थायी रोक लगा दी है।
इस बंगले के नए मालिक शशी शेट्टी ने अदालत में अरजी लगाई थी, क्योंकि ऑनलाइन हर जगह बंगले के बारे में गलत बातें की जा रही थीं।
जज ने कहा कि इस तरह की सनसनीखेज बातों की कोई जरूरत नहीं है और इससे शशी के शांति से रहने के अधिकार पर बुरा असर पड़ता है।
शशी ने 90 करोड़ में खरीदा था बंगला 'आशीर्वाद'
यह बंगला राजेश और उनसे पहले अभिनेता राजेंद्र कुमार दोनों के लिए काफी अहमियत रखता था। साल 2012 में राजेश के निधन के बाद, शशी ने 90 करोड़ रुपये में यह बंगला खरीदा।
उन्होंने इसे एक 4 मंजिला घर के रूप में फिर से बनवाया, लेकिन इसका मशहूर नाम 'आशीर्वाद' नहीं बदला। नए सिरे से बनवाने और नाम न बदलने के बावजूद बंगले को 'शापित' कहने वाली अफवाहें खत्म नहीं हुईं, जिससे आखिर में शशी को कानूनी कदम उठाना पड़ा।
अदालत का यह आदेश 21 अगस्त तक लागू रहेगा, जिसके बाद इस मामले पर दोबारा विचार किया जाएगा।