सामंथा रुथ प्रभु डीपफेक केस में बड़ा फैसला, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहचान को लेकर कही अहम बात
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आदेश दिया है कि वे उन सभी डीपफेक वीडियो और नकली कंटेंट को हटा दें, जिनमें अभिनेत्री सामंथा का नाम, तस्वीर या आवाज का गलत इस्तेमाल किया गया है।
सामंथा ने अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल होने पर एक अरजी दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
जस्टिस माधव जामदार ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकार उसके मौलिक अधिकारों का ही हिस्सा होते हैं।
इनमें बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी, जीवन जीने और निजी स्वतंत्रता, निजता का अधिकार और मानवीय गरिमा के अधिकार शामिल हैं।
जानिए कोर्ट ने क्या कहा?
अब कोर्ट ने ऐसे किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगा दी है, जिसमें अभिनेत्री के नाम, तस्वीर और आवाज का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा हो।
इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए डीपफेक भी शामिल हैं। सामंथा के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि AI से तैयार डीपफेक और मॉर्फ की गई तस्वीरें किस तरह गंभीर मर्यादाओं को पार कर रही हैं।
कोर्ट ने भी उनकी इस बात से सहमति जताई और साफ कहा कि ऐसे दुरुपयोग से सिर्फ निजता ही नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा को भी भारी नुकसान होता है।