लकी अली ने हाई कोर्ट में दी चुनौती, क्या जाली दस्तखत से हड़पी गई पुश्तैनी जमीन?
बॉलीवुड के मशहूर गायक लकी अली अपने परिवार की संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट पहुंचें हें। उनका कहना है कि इस मामले को बहुत जल्दी बंद कर दिया गया था।
लकी ने मजिस्ट्रेट के फरवरी 2026 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पुलिस रिपोर्ट को मानकर उनके परिवार की जमीन की कथित जालसाजी और गैरकानूनी ट्रांसफर की जांच बंद कर दी गई थी।
अब हाई कोर्ट ने लकी की याचिका पर गौर करने के लिए नोटिस जारी किया है।
लकी का आरोप, 1989 के दस्तखत जाली थे
लकी का कहना है कि उन्हें मामला बंद होने से पहले आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला, जो उन्हें बिल्कुल ठीक नहीं लगता।
असल मुद्दा यह है कि 1989 के कुछ दस्तावेजों पर उनके दिवंगत पिता और सौतेली मां के दस्तखत जाली हो सकते हैं। इसी वजह से उनकी जमीन बिना सही जांच-पड़ताल के ट्रांसफर कर दी गई।
वह चाहते हैं कि कोर्ट इस मामले की और गहराई से जांच करे, क्योंकि उनका तर्क है कि पहली जांच में कई अहम जानकारीयां छूट गई थीं।