बॉलीवुड की वो बेहतरीन फिल्में, जिनकी कहानी 'बारिश' के बिना थी नामुमकिन
क्या है खबर?
बॉलीवुड में कई कालजयी फिल्में हैं, जिनमें बारिश सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा रही है। चाहें सस्पेंस-थ्रिलर हाे या फिर कोई रोमांटिक-ड्रामा, बारिश इनकी कहानियों को आकार देती है, किरदारों की जिंदगी को प्रभावित करती है और यहां तक कि खुद भी एक किरदार बन जाती है। चूकि मॉनसून का समय चल रहा है, तो वीकेंड पर कुछ ऐसी ही फिल्मों को देखना मजेदार हाेगा। चलिए एक नजर ऐसी ही कुछ फिल्मों पर डालते हैं।
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'तुम्बाड' और 'मॉनसून वेडिंग'
सोहम शाह की अलौकिक हॉरर फिल्म 'तुम्बाड' बारिश के बिना अधूरी थी, क्योंकि इसकी कहानी ही एक ऐसे शापित गांव पर बुनी गई है, जहां 24 घंटे मूसलाधार बारिश होती है। यही कारण है कि निर्माताओं को इसे फिल्माने में कई साल लग गए थे। बारिश के बिना फिल्म का खौफनाक माहौल बनना नामुमकिन था।
'मॉनसून वेडिंग' भी बारिश को आधार बनाकर बुनी गई एक भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा फिल्म है। बारिश से भीगा इसका क्लाइमैक्स सबसे यादगार साबित हुआ।
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'रेनकोट' और 'चमेली'
अजय देवगन और ऐश्वर्या राय अभिनीत फिल्म 'रेनकोट' अपने नाम से ही बारिश की अनुभूति देती है। फिल्म के मुख्य किरदार बारिश के कारण एक बंद कमरे में आश्रय लेते हैं। अगर उस दिन बारिश न होती तो उनकी प्रेम-कहानी भी न शुरू होती।
करीना कपूर की 'चमेली' मॉनसून में देखने लायक बेहतरीन फिल्म है। इसके मुख्य किरदार मुंबई की एक तूफानी रात की बारिश में आपस में टकराते हैं। उनका ये सफर आगे चलकर कहानी का आधार बनता है।
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'वेक अप सिड' और 'मोहरा'
रणबीर कपूर की फिल्म 'वेक अप सिड' का पूरा क्लाइमेक्स मुंबई की पहली बारिश के इर्द-गिर्द बुना गया है। फिल्म में रणबीर के साथ कोंकणा सेन शर्मा नजर आई हैं। दोनों के किरदारों को तेज बारिश के बीच एक-दूसरे से प्यार होने का एहसास होता है।
अक्षय कुमार की फिल्म 'मोहरा' को कैसे भूला जा सकता है। इसमें मौजूद रवीना टंडन का गाना 'टिप-टिप बरसा पानी' रिमझिम बारिश के बीच कालजयी बारिश का दृश्य साबित हुआ था।