LOADING...
FWICE अध्यक्ष की बड़ी चेतावनी- बंद हो सकता है पूरा बॉलीवुड, सड़कों पर आ जाएंगे लोग
बॉलीवुड बंद होने की कगार पर? FWICE अध्यक्ष ने दी चेतावनी

FWICE अध्यक्ष की बड़ी चेतावनी- बंद हो सकता है पूरा बॉलीवुड, सड़कों पर आ जाएंगे लोग

May 21, 2026
08:03 pm

क्या है खबर?

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के हालातों पर गहरी चिंता जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर बॉलीवुड के कामगारों और मजदूरों की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में पूरी फिल्म इंडस्ट्री ठप हो सकती है। तिवारी ने चेतावनी दी है कि हालात इतने बदतर हो जाएंगे कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग सड़कों पर आने को मजबूर हो जाएंगे।

हालत

कैमरे के पीछे काम करने वालों की स्थिति बेहद बदहाल

FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी के अनुसार, आज के समय में बॉलीवुड के भीतर सबसे बड़ी चिंता का विषय कैमरे के पीछे काम करने वाले लोगों की बदहाल स्थिति है। ANI से तिवारी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के कई कर्मचारी और मजदूर बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं, क्योंकि उनके पास काम की कमी है, उन्हें उनके किए काम का भुगतान देरी से मिल रहा है और जरूरत से ज्यादा लंबे समय तक काम कराया जा रहा है।

होड़

कंटेंट की अंधी दौड़ में खत्म हो रही फिल्मों की क्वालिटी, मजदूर हो रहे बेरोजगार

तिवारी के मुताबिक, बॉलीवुड अब बड़े पर्दे की चकाचौंध से सिमटकर मोबाइल की स्क्रीन पर आ गया है। इस बदलाव ने कैमरे के पीछे पसीना बहाने वाले मजदूरों को बेरोजगार और बेबस कर दिया है।उन्होंने कहा, "बहुत सारे OTT प्लेटफॉर्म खुल गए हैं और मोबाइल की स्क्रीन के हिसाब से फिल्में बनने लगी हैं। कंटेंट में गुणवत्ता का कोई मतलब नहीं रह गया है। हर कोई बस ज्यादा से ज्यादा कंटेंट निकालने की होड़ में लगा हुआ है।"

Advertisement

दोहरी मार

बॉलीवुड के दैनिक वेतन भोगी मजदूरों पर दोहरी मार

तिवारी ने साफ किया कि इस नए चलन का सबसे बड़ा नुकसान उन लोगों को उठाना पड़ रहा है, जो कैमरे के पीछे दिन-रात मेहनत करते हैं, जिनमें स्पॉट बॉय, लाइट मैन, आर्ट निर्देशक और छोटे कलाकार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें बहुत से कर्मचारियों को कई-कई घंटों तक लगातार काम करने के बाद भी उनका उचित और तय मेहनताना नहीं दिया जा रहा है। इससे सबसे बड़ा नुकसान दैनिक वेतन भोगी मजदूरों की दिहाड़ी का हो रहा है।

Advertisement

भुगतान

20-20 घंटे काम, फिर भी पैसों में 60 प्रतिशत तक की कटौती

अध्यक्ष ने कहा, "मजदूरों 8 घंटे के काम का पैसा भी ठीक से नहीं मिल रहा है, जबकि उनसे 20-20 घंटे तक काम कराया जा रहा है। इसके अलावा उनके पैसों में 50 से 60 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती कर दी जाती है। कई कामगार और मजदूर इस शोषण को चुपचाप सहने और कम पैसों में काम करने के लिए सिर्फ इसलिए मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें काम की सख्त जरूरत है और उन्हें अपने परिवार का पेट पालना है।"

चेतावनी

बीएन तिवारी ने बताया क्यों दांव पर लगा है बॉलीवुड का भविष्य

फिल्म इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी देते हुए तिवारी ने कहा, "अगर इसी तरह सब चलता रहा तो एक दिन ये फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह से बंद हो जाएगी और इससे जुड़े लोग सड़कों पर आ जाएंगे। मौजूदा हालात बिल्कुल ठीक नहीं हैं।" अंत में उन्होंने भरोसा दिलाया कि FWICE लगातार इन जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों तक पहुंचने, उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

Advertisement